
एनपीटी नोएडा ब्यूरो
नोएडा, 04 मार्च: हम सभी एक बूंद हैं, जिसमें समुद्र समाया हुआ है और एक दिन यह बूंद समुद्र में समा जाएगी। जब तक हम एक बूंद हैं, हम उस अनंत का अनुभव कर सकते हैं। प्रेम रावत ने समझाया कि यह जीवन बार-बार नहीं मिलेगा। अगर हमारे जीवन में प्रकाश हो जाए, तो हम सब भी उन उपहारों को पाएंगे जो हमें इस जीवन के रूप में मिले हैं। यह बातें लेखक प्रेम रावत ने एक कार्यक्रम में कहीं।
यहां उनकी नयी पुस्तक ‘स्वयं की आवाज़’ का लोकार्पण किया गया, जिसे विश्व प्रसिद्ध प्रकाशक हार्पर कॉलिंस ने हिन्दी में प्रकाशित किया है। इस मौके पर संपूर्ण भारत से लोग प्रेम रावत को सुनने के लिए आये हुए थे।
यह प्रेम रावत जी का तीसरा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इससे पहले, उन्होंने 2023 में दो रिकॉर्ड बनाए थे – ‘एक लेखक पुस्तक वाचन’ में सबसे बड़ी दर्शक संख्या, जिसमें 1,14,704 लोग शामिल हुए थे, और सबसे बड़े ‘व्याख्यान (लेक्चर)’ में भाग लेने वाली दर्शक संख्या, जिसमें 3,75,603 लोग उपस्थित थे। यह नया रिकॉर्ड उनकी प्रेरणादायक शांति और आशा के संदेश की विश्वविख्यात लोकप्रियता को दर्शाता है, जिससे भारत और दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
“इस ऐतिहासिक आयोजन की इतनी बड़ी और शानदार प्रतिक्रिया देखकर हम बेहद उत्साहित हैं।”
प्रेम रावत ने कहा एक बुझा हुआ दिया दीसरे बुझे हुए दीयों को नहीं जला सकता, उसी प्रकार जब तक हम स्वयं को नहीं जानते तब तक हम दूसरों की परेशानियों से उबरने में उनकी सहायता नहीं कर पाएंगे। आज कल के भागदौड़ की दुनिया में जहां मनुष्य परेशान है, थका हुआ महसूस हुआ करता है। प्रेम रावत बताते है कि हर एक मनुष्य के अंदर शांति का सुंदर संगीत बज रहा है, जिसको हम अपने ही भीतर सुन सकते हैं और शांति को प्राप्त कर सकते हैं।
