बालाघाट
पंचायत में अधिकार न मिलने पर पटेलो ने जताई नाराजगी
ग्रामीण पटेल कल्याण संघ ने बैठक कर सीएम आवास घेराव की बनाई रणनीति

5 जनवरी को सिवनी में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में सीएम से मिलने की बनेगी रूपरेखा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : वर्षो उपेक्षा का दंश झेल रहे ग्रामीण पटेल कल्याण संघ ,प्रदेश सरकार से खासा नाराज है। जिन्होंने ग्रामीण पटेलो के अधिकार समाप्त करने और उन्हें मानदेय सहित अन्य सेवाओं से मुक्त करने पर अपनी नाराजगी जताते हुए प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। जिन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीण पटेल कल्याण संघ के बैनर तले शुक्रवार को बैहर के तहसील कार्यालय समक्ष एक बैठक का आयोजन कर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा सहित देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी पटेलों को उनके अधिकार देने, पटेलो को पूर्व में दिया गया मान सम्मान वापस दिलाने और पटेलों के महत्व को बरकरार रखते हुए उनकी समस्त मांगे जल्द से जल्द पूरी किए जाने की गुहार लगाई है।
*5 जनवरी को सिवनी में आयोजित बैठक में सीएम सीएम घेराव की बनाएंगे रणनीति*
तहसील अध्यक्ष भागचंद भाऊ ठाकरे के आव्हान पर आयोजित इस सभा मे संघ द्वारा वर्षो से लंबित अपनी विभिन्न मांगों को दोहराते हुए, कमिश्नर के आदेश के बावजूद भी पटेलो को पंचायत की बैठक में शामिल न करने, उनके लिए पंचायत में बैठक व्यवस्था न बनाने ,उनका नाम व मोबाइल नंबर पंचायत सूचना पटल पर दर्ज न करने पर ऐतराज जताते हुए जल्द से जल्द मांग पूरी ना होने पर आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है। जहां बैठक के बाद उन्होंने 5 जनवरी को सिवनी में प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन कर भोपाल स्थित सीएम आवास का घेराव का ज्ञापन सौंपने की भी चेतावनी दी है।
*इन मांगों पर की चर्चा*
राजस्व की वसूली करने के पटेल को अधिकार दिए जाने, किस्त बंदी के कार्य प्रतिवर्ष पटेलों को देंने, जिन ग्रामों में ग्रामीण पटेल पद रिक्त है, उनको यथाशीघ्र भरे जाने, ग्रामीण पटेल जो पूर्व में थे, उनको यथावत रखने, भू-राजस्व संहिता की धारा 222 से 229 की अधिकार की जिम्मेदारी पटेलों को दी जाने। ग्राम पंचायत के मनोनीत पंच एवं आम सभा में पटेलो को प्रतिनिधि बनाने, कोई भी जांच पटेल के समक्ष करने, ग्रामीण पटेल को प्रतिवर्ष मानदेय के रूप में उचित पारिश्रमिक देने, ग्रामीण पटेल को वर्तमान में छत्तीसगढ़ / महाराष्ट्र / हरियाणा एवं अन्य प्रांतों में जिस प्रकार से प्रतिमाह मानदेय दिया जाता, उसी प्रकार म.प्र. के समस्त ग्राम पटेलों को मानदेय देने, संगठन में महिला एवं पुरूष कार्यकारिणी में पद अधिकारी है,जिनकी मिटिंग 2-2 माह में राजधानी भोपाल में की जाती है। संगठन के पदाधिकारियों को रूकने का साधन नहीं है, इसलिए संगठन के नाम से एक आवास मकान कार्यालय हेतु स्वीकृत कराया जाने, सहित बैठक के दौरान अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
*तो सीएम हाउस का घेराव कर किया जाएगा आंदोलन – लिल्हारे*
ग्रामीण पटेल कल्याण संघ प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल शरणागत और जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार लिल्हारे ने बताया कि हमारी वर्षो से लंबित कुछ मांगे है, हमारे अधिकार ,सम्मानजनक मानदेय सहित अन्य अन्य मांगों को लेकर लगातार संगठन द्वारा गुहार लगाई जा रही है। लेकिन हमारी इन मांगों को शासन द्वारा पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके पूर्व कमिश्नर द्वारा आदेशित किया गया था कि पंचायत के सूचना पटल में पटेलो के नाम अंकित कर, उनके मोबाइल नंबर लिखे जाएं,वही बैठक में पटेलों को शामिल किया जाए, वही पंचायत में पटेलो के बैठने के लिए बैठक व्यवस्था बनाई जाए।लेकिन पंचायत द्वारा इसकी अब तक हमें कोई सूचना नहीं दी गई है। हमारी मांग है कि हमें हमारा अधिकार दिया जाए, हमे हमारे अधिकारो से वंचित न किया जाए।इसीलिए आज बैठक का आयोजन कर 5 जनवरी को सिवनी में एक प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है।उस बैठक में भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर ज्ञापन सौपने व आंदोलन की योजना बनाई जाएगी।
इस दौरान ग्रामीण पटेल कल्याण संघ मध्य प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल शरणागत, जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार लिल्हारे, सुरेंद्र सिंह चौहान, किशोर श्रीवास्तव, निलमचंद पारधी, दीपचंद रनगिरे, पन्ना लाल नगपुरे,चूड़ामन सिंह शिवहरे, रनधीर बिसेन, नत्थू भाऊ पंचभाये, उदेलाल ड़हारे,विश्वनाथ नगपुरे, मुकेश दशरिया,रजनीकांत चौधरी, शंकर सिंह पटले, हुकुमचंद पटले,आरडी रहांगडाले, नरेंद्र मोहारे, गुलाब सिंह हिरापूरे, और राम प्रसाद बघेले सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी सदस्य व विभिन्न स्थानों से आए पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



