रांची

सीएम हेमन्त सोरेन ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक

CM Hemant Soren held a high-level meeting with officials of the Forest, Environment and Climate Change Department. Open in Google Translate • Feedback Google Translate

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। हेमन्त सोरेन ने शनिवार को कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने राज्य में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हाथियों के हमलों से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला और दुमका समेत विभिन्न जिलों में पिछले कुछ महीनों में लगभग 27 लोगों की मौत हाथी हमलों में हुई है, जो अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से प्रभावी बचाव एवं सुरक्षा उपाय लागू करने का निर्देश दिया। प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि जब राज्य में बड़ी संख्या में हाथियों का विचलन होता है तो ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अब तक ठोस और प्रभावी मेकैनिज्म क्यों विकसित नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने बताया कि विभाग जल्द ही एक क्विक रिस्पांसिबल मेकैनिज्म तैयार कर रहा है। इसके तहत 6 कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं, जिससे ट्रैकिंग और रेस्क्यू कार्य में सहायता मिलेगी। साथ ही, एलीफेंट रेस्क्यू विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में हाथियों द्वारा लगातार जान-माल की क्षति हो रही है, वहां के ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए। ग्रामीणों को मशाल जलाने हेतु डीजल, किरासन तेल, पुराने टायर, टॉर्च, सोलर सायरन आदि उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर वन विभाग और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। 12 दिनों के भीतर मुआवजा सुनिश्चित करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु वन्य जीव हमले में होती है तो 12 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजे की पूरी राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एनिमल अटैक से संबंधित वर्तमान कंपनसेशन नियमों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं, ताकि राहत राशि देने में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग न केवल जान के नुकसान बल्कि फसल और पशुधन की क्षति से भी प्रभावित होते हैं। राज्य सरकार ऐसे सभी प्रभावित परिवारों को न्यायसंगत और त्वरित सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। पांच वर्षों का डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने वन विभाग को निर्देश दिया कि पिछले पांच वर्षों में हुए कैजुअल्टी और कंपनसेशन से संबंधित विस्तृत डेटा राज्य सरकार को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही राज्य के सभी एलीफेंट कॉरिडोर की मैपिंग करने के निर्देश भी दिए। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी, पीसीसीएफ (हॉफ) संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) रवि रंजन, सीसीएफ (वाइल्डलाइफ) एस.आर. नाटेश, आरसीएफ हजारीबाग आर.एन. मिश्रा, आरसीएफ बोकारो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button