पहले एमपी-मला के इस्तीफ दिलाए जाते थेः नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा – अब बड़े नेता सरस डेयरी के डायरेक्टर के इस्तीफे दिला रहे
अलवर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आने से पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पहले एमपी-एमएलए के इस्तीफे दिलाते थे अब सरस डेयरी के डायरेक्टर के इस्तीफे दिलाने की औछी राजनीति हो रही है। अलवर सरस डेयरी के डायरेक्टर के इस्तीफे दिलाकर बोर्ड भंग किया। उसके बाद डेयरी चेयरमैन को हटाया। वैसे चेयरमैन पर कोई दाग नहीं था। पूरी ईमानदारी से काम किया। लेकिन केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आसपास भूमाफिया व शराब माफिया के लोगों का जमावड़ा रहता है। उनकी वजह से डेयरी चेयरमैन को हटाया। बीजेपी के मंत्री डॉ किरोड़ी मीणा ने पिछले दिनों अपनी पार्टी के प्रॉपर्टी का काम करने वाले नेता को फटकारा भी था।
जूली ने कहा कि सीएम के आने पर पूछना चाहता हूं कि 2028 तक अलवर में पानी पहुंचा देंगे या नहीं। दूसरा यहां के केंदीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि डेयरी से भ्रष्टाचार हटाएंगे। लेकिन उनकी पार्टी के नेता अवैध प्लॉटिंग करने में लगे हैं। यहां के शासन वाले भू माफिया को पनपा रहे हैं। शराब ठेकेदार भी केंद्रीय मंत्री व राज्य मंत्री के बड़े फोटो लगाकर स्वागत कर रहे हैं। ऐसा मालाखेड़ा में जाकर देख सकते हैं। भूमाफिया के हॉर्डिंगे की भरमार है।
इसलिए केंद्रीय मंत्री से कहना चाहूंगा कि आप ये बताएं कि केंद्र से कितना बजट लेकर आए हैं। खैरथल में भूमाफिया मिले हुए हैं। जिनके समय के डेयरी में भ्रष्टाचार हुआ। उस मिलावट के खेल को पकड़ने का काम पूर्व चेयरमैन विश्राम गुर्जर ने किया। ट्रैक में बैठकर पकड़ा। फर्जी चिप को पकड़ने का काम किया। डेयरी में मिलावट को पकड़ने का काम किया था। पहली बार डेयरी चेयरमैन विश्राम गुर्जर ने काम किया था। उसका नतीजा सरकार ने हटा दिया। उनके खिलाफ सरकार ने जांच कराई। लेकिन दोषी नहीं मिले। जब नहीं हटा पाए तो डेयरी के डायरेक्टर को धमकाकर इस्तीफे दिलाए गए। डायरेक्टर को कोई इस्तीफा नहीं देना चाहता है। लेकिन यहां पूरा दबाव दिया गया।
पहले एमपी व एमएलए से इस्तीफे दिलवाए जाते थे। अब डेयरी के डायरेक्टर पर इस्तीफे दिलाने लग गए। केंद्रीय मंत्री को इतना नीचे नहीं आना चाहिए। अलवर प्रदूषण से जूझ रहा है। अलवर व भिवाड़ी प्रदूषित शहर है। उसके लिए ठोस योजना लेकर आनी चाहिए थी। यहां पानी की बड़ी समस्या है। पानी के लिए रोजाना जाम लगते हैं। उसके लिए काम करने की जरूरत थी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बड़े विकास के काम कराए। पैरा मिलिट्री फोर्सेज लेकर आए। बड़े , और ब्रिज, मेडिकल कॉलेज, ऑडिटोरियम लेकर आए। मोती डूंगरी का विकास भी कांग्रेस सरकार ने कराए। नगर वन व कटी घाटी का विकास भी कांग्रेस ने कराया। अब पुराने कांग्रेस के कामों को रोका गया।
कोटकासिम एयरपोर्ट को रोका गया। सेना की भर्तियों को कम कर दिया। बड़े काम करने चाहिए। बड़े नेताओं को भूमाफिया व खनन माफिया ने घेर लिया है। अलवर में कानून व्यवस्था चौपट है। एसपी के मकान के पीछे गोतस्करी हो रही है। बानसूर में मंदिर को तोड़ा जाता है और कांग्रेस पर हिंदू विरोधी बताते हो। खाटूश्यामजी गांविंददेव मंदिर के पैसे नहीं लगाए।
हमारे वन मंत्री को कुशालगढ़ नाक पर पहुंचे तो कर्मचारी सोते मिले हैं। अलवर में ही कर्मचारी सो रहे हैं तो जोधपुर व बीकानेर में क्या हालत होंगे। डेढ़ साल में विभाग के कर्मचारियों को नहीं जगा पाए। अलवर के अलावा 42 जिले और हैं। वहां तक पहुंचने में बड़ा समय लगेगा।
सीएम को बताना चाहिए कि डेयरी में भ्रष्टाचार रोकने का काम किसने किया। उसी चेयरमैन को क्यों हटाया गया। आपको सब जांचों को सार्वजनिक करना चाहिए।
अलवर के संभाग बनाना चाहिए। कोर्ट खोले गए। तीन जिले बने हैं तो संभाग की घोषणा करने की जरूरत है। इस शासन प्रशासन में माफिया को संरक्षण देने वालों पर ध्यान देने की जरूरत है। झूठी वाहवाही बची है। मेरा आरोप है कि डेयरी चेयरमैन को जानबूझकर हटाया। कठूमर प्रधान, भिडुसी सरपंच व कोटकासिम प्रधान को हटाया गया। कोटकासिम प्रधान को गाली गलौच की गई। उसने जवाब दिया तो हटा दिया। यह तरीका गलत है। पूरे प्रदेश में पानी का संकट है। कांग्रेस के लोग सीएम को ज्ञापन देना चाहते हैं।
सिलीसेढ़ से पानी पूरा नहीं आ सकेगा
सिलीसेढ़ से पानी लाने की स्टडी साफ करनी चाहिए। पूरा अलवर जिला प्यास है। सिलीसेढ़ से पानी लाने की औपचारिकता हो सकती है। स्थाई समाधान नहीं है। इसका उपाय ईआरसीपी ही विकल्प हैं।



