ललितपुर

ब्याना नाले की सफाई की आड़ में लाखों रुपयों की मिट्टी बेचने एवं हरे-भरे पेड़ो को नष्ट करने का आरोप

मोहल्लेवासियों ने डीएम को ज्ञापन देकर की शिकायत, मिट्टी उठाने पर रोक लगाने की उठाई मांग

 नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। बारिश को देखते हुए इन दोनों जनपद में नदियों नालों को सफाई करवाई जा रही है, ताकि बरसात के समय बाढ़ का पानी आसानी से निकल सके और वह रिहाईसी इलाकों में ना घुसे। क्योंकि नदी नालों का गहरीकरण ना होने की वजह से बड़ी मात्रा में आने वाला बरसात का पानी घरों में घुस जाता है। जिससे लोगों का आर्थिक नुकसान होता है। लेकिन नदी नालों की सफाई करने वाले ठेकेदारों द्वारा वहां आसपास बने मकानों के पीछे से गहरीकरण की आड़ में लगी हुई मिट्टी उठा रहे हैं। जिस कारण नाले के पास बने मकानों के अस्तित्व पर संकट मडराने लगा है। इसी को लेकर मोहल्ले वासियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित होकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर इलाके में बने मकानों के पीछे से मिट्टी उठाने पर रोक लगाने की मांग उठाई है। आरोप है कि नाले और मकान के पीछे की मिट्टी उठाकर ठेकेदार उसे बेच रहे हैं और अपनी जेबें भी भर रहे हैं।
बुधबार को शहर के मोहल्ला घुसयाना के करीब एक दर्जन लोग क्लैक्ट्रेट परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने इलाके में स्थित बयान नल की साफ सफाई और उठने वाली मिट्टी को रोकने की मांग उठाई। इस मामले को लेकर मोहल्ले वासियों द्वारा दिए गए ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि सरकार द्वारा नाले को सुंदरीकरण करने के लिये सफाई अभियान के तहत नाले की सफाई करने के लिये सरकार के अच्छे काम से मुहल्लेवासियों को कारफी खुशी थी। लेकिन उनके मुहल्ले में व्याना नाले की सफाई के दौरान बाले से निकलने बाली मिट्टी को उनके घरों के किनारे ठेकेदार द्वारा रख दिया गया था। जिससे वह खुश थी कि अब नल का पानी उनके घरों तक नहीं आएगा। लेकिन यहाँ पर मिट्टी के दलाल ठेकेदार एवं सरकारी बाबू कर्मचारी की मिलीभगत से इस काम में लापरवाही बढ़ती जा रही है। आरोप है कि मिट्टी की लालच में जो नाला 30 फुट खुदना था। वह नाला कहीं 50 फुट, तो कहीं 30 फुट की चौड़ाई करके उसके आसपास कटाव रोकने के लिए लगे हुए हरे-भरे पेड़ को भी नुकसान पहुंचा कर उन्हें काटा जा रहा है। इसके साथ ही वहां पर कटाव रोकने के लिए मोहल्ले वासियों द्वारा लगाई गई हरी घास को भी ठेकेदारों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया है। इतना ही नहीं नाली से निकली हुई मिट्टी को ठेकेदारों द्वारा बेचा जा रहा है और वहां बने आसपास के मकान के पीछे से भी मिट्टी को खोदकर उठाया जा रहा है। जिससे इलाके में बनी हुई मकान की अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। मिट्टी उठाने के कारण बने हुए मकान कभी भी गिर सकते हैं। जिससे जान और माल का भी नुकसान हो सकता है। ज्ञापन के माध्यम से मोहल्ले वासियों ने नल की निर्धारित गहराई और चौड़ाई से अधिक खुदाई किए जाने पर रोक लगाने एवं मकान के पीछे से मिट्टी के उत्थान करने पर रोक लगाने की मांग उठाई है। ज्ञापन पर मोहल्ले के पार्षद जानकी कुशवाहा के साथ सोना मला सुमन नीतू सहित एक दर्जन से अधिक मोहल्ले वासियों के हस्ताक्षर बने हुए हैं।
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