बेतुल
बैतूल शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य ही खुशहाल और तनावमुक्त जीवन का आधार : ब्रह्मकुमारीज

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो
बैतूल। योग सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना के मिलन का भी प्रतीक है, जो मन और शरीर, मानव और प्रकृति के बीच एक पूर्ण सामंजस्य का संकेत देता है। योग के अभ्यास का उल्लेख ऋग्वेद और उपनिषदों में भी मिलता है। ब्रह्माकुमारी के स्थानीय सेवा केंद्र भाग्य विधाता भवन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम का शुक्रवार को आयोजन किया गया। जिसमें बीके पूर्णिमा बहन ने सभी को योग का महत्व बताते हुए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मन को खुशहाल एवं सशक्त बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन का महत्व बताते हुए कहा कि योग आध्यात्मिक, शारीरिक और मानसिक प्रथाओं का एक समूह है जिसकी उत्पत्ति प्राचीन भारत में हुई थी। योग का शाब्दिक अर्थ है जोडऩा। योग शारीरिक व्यायाम, शारीरिक मुद्रा (आसन), ध्यान, सांस लेने की तकनीकों और व्यायाम को जोड़ता है। इस शब्द का अर्थ ही ‘योग’ या भौतिक का स्वयं के भीतर आध्यात्मिक के साथ मिलन है। कार्यक्रम मे उपस्थित सभी लोगों को कमलेश देवकते ने अनेक प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास कराया। कार्यक्रम के अंत में बीके सविता बहन ने सभी को प्रकृति और विश्व की शांति के लिए राजयोग का अभ्यास कराया। सभी ने अपने जीवन में नियमित रूप से योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संस्थान से जुड़े 200 से भी अधिक भाई बहन उपस्थित रहे।




