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पूजा एसोसिएट में 77 लाख से ज़्यादा की धोखाधड़ी, मैनेजर पर मामला दर्ज
ऑडिट रिपोर्ट से पता चला मैनेजर की धोखाधड़ी का, कई बार में पैसे किये ट्रांसफर

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
सिंगरौली। जिले में लगातार सामने आ रहे आर्थिक अपराधों की कड़ी में एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। बैढ़न थाना क्षेत्र अंतर्गत पूजा एसोसिएट्स नामक फर्म में 77 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है, जिसमें फर्म के तत्कालीन मैनेजर पवन कुमार सरावगी और उसकी पत्नी संध्या शर्मा को आरोपी बनाया गया है। फर्म के प्रोपराइटर इन्द्रेश कुमार पाण्डेय, निवासी रामनगर कॉलोनी गनियारी, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी फर्म एनटीपीसी विंध्यनगर सहित तीन परियोजनाओं में मैनपावर सप्लाई का कार्य करती है। वर्ष 2016 में पंजीकृत इस फर्म का संपूर्ण संचालन पवन सरावगी के जिम्मे था, जिसे वर्ष 2012 से ही जान पहचान के चलते काम पर रखा गया था। जहा शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2018 से सितम्बर 2024 के बीच फर्म के एसबीआई खाते (संख्या 31032593865) से आरोपी पवन सरावगी ने पेमेंट शीट में कूट रचित तरीके से अपनी पत्नी संध्या शर्मा का नाम और खाता नंबर (संख्या 20467683644) जोड़कर हर महीने लाखों रुपये ट्रांसफर किए। जांच में यह रकम ₹77,44,334 निकली, जो बिना फर्म मालिक की जानकारी के गबन की गई।
जाने पूरा मामला
फरियादी इन्द्रेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि पूजा एसोसिएट्स नाम का फर्म है जिसका प्रोपराईटर आवेदक है। उक्त फर्म का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2016 में करवाया गया था उक्त फर्म के द्वारा एनटीपीसी कम्पनी में मैनपावर/वर्कर सप्लाई करने का काम करती है। इससे पहले मैं पब्लिक ट्रांसपोर्ट एवं ईंटा बनवाकर बिक्री करने का काम करता था। पवन सरावगी निवासी पवई से मेरा जान पहचान वर्ष 2012 में हो गया था, वर्ष 2012 से वह मेरे यहां काम करता था। बाद में वर्ष 2016 में मेरे द्वारा पूजा एसोसिएट्स नाम से फर्म का रजिस्ट्रेशन करवाया गया था जिसका रजिस्ट्रेशन/ GST नंबर 23AAIF0339F2ZK है। उक्त फर्म रजिस्ट्रेशन के बाद फर्म की देखरेख एवं लेबर पेमेंट तथा सम्पूर्ण मैनेजमेंट के लिए मेरे द्वारा पवन सरावगी को नियुक्त किया था। उक्त फर्म के द्वारा वर्तमान में एनटीपीसी विंध्यनगर में मैन पावर सप्लाई का काम करता हूं। नियमानुसार मेरे फर्म के द्वारा एनटीपीसी विंध्यनगर में सप्लाई किये गये मैनपावर का भुगतान एनटीपीसी विंध्यनगर के द्वारा फर्म के स्टेट बैंक आफ इंडिया शाखा विंध्यनगर के खाता क्र. 31032593865 में करता है। तथा फर्म के मैनेजर पवन सरावगी के द्वारा प्रत्येक माह फर्म के द्वारा करवाये गये काम का भुगतान करने के लिए मैनेजर के द्वारा पेमेंट शीट तैयार कर पेमेंटशीट में मेरा फर्जी हस्ताक्षर करता था तथा उक्त पेमेंटशीट जिसमें मजदूरों का नाम, उनका बैंक एवं खाता नंबर और राशि लिखकर पेमेंट शीट की मूल कापी फर्म के संबंधित बैंक एसबीआई में और दूसरा प्रति मुझे या फर्म के आफिस में जमा कर देता था। मार्च 2024 में फर्म का खाता को चेक किया तो देखा कि बैलेंस कम दिख रहा है तथा सही समय पर फर्म का जीएसटी एवं मजदूरों के पीएफ का भुगतान नही हो रहा है। उस समय मेरे फर्म का काम एनटीपीसी के तीन प्रोजेक्ट विंध्यनगर, शक्तिनगर एवं रिहंद में चल रहा था। फर्म के मैनेजर पवन कुमार सरावगी के द्वारा बोला गया कि एनटीपीसी कंपनी के तीनो साइडों से भुगतान न होने की वजह से फर्म के खाते में राशि कम दिखाई दे रहा है। पवन की बातों पर मुझे संदेह हुआ तब मैं फर्म के खाता क्र. 31032593865 की जांच करवाया तो पाया कि पवन कुमार सरावगी के द्वारा मेरे फर्म पूजा एसोसिएट्स के मजदूरों के भुगतान करने के लिए जो पेमेंट शीट बनाता था उसी पेमेंटशीट में अपनी पत्नी संध्या शर्मा के खाता क्र. 20467683644 को जोड़कर उक्त पेमेटसीट में मेरा फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक में जमा करता था जिसकी वजह से पेमेटसीट पर लेख सभी मजदूर खाताधारकों के खातों में उनका मजदूरी किया गया पैसा का भुगतान होता था जबकि मैनेजर पवन सरावगी की पत्नी फर्म में काम नही करती थी और न ही फर्म के किसी पद पर कार्यरत थी इसके बावजूद भी पवन सरावगी के द्वारा फर्म के खाता से अपनी पत्नी के खाते में हर माह लाखों का भुगतान करता था तथा मूल पेमेंटशीट बैंक में जमा हो जाती था तथा दूसरी प्रति जिसमें मैनेजर पवन सरावगी के द्वारा अपनी पत्नी संध्या शर्मा का नाम खाता नंबर मिटाकर/ हटाकर उक्त पेमेंटशीट को फर्म के आफिस में जमा कर देता था। मुझे मैनेजर पवन सरावगी के काम पर संदेह हुआ तब मैं कंपनी के खाते की जांच करवाया एवं खुद जांच किया तो पाया कि पवन सरावगी हर महीना मेरे फर्म के खाता क्र. 310325593865 से वर्ष 2018 से सितम्बर 2024 तक मेरे संज्ञान/अनुमति के बिना अपनी पत्नी के खाते में 77,44,334 रूपए ट्रांसफर किया है। फर्म के मैनेजर पवन सरावगी के द्वारा अपनी पत्नी के एसबीआई विंध्यनगर के खाता क्र. 20467683644 में वर्ष 2018-19 में 5,96,604 रूपए, वर्ष 2019-20 में 8,42,607 रूपए, वर्ष 2020-21 में 10,74,270 रूपए, वर्ष 2021-22 में 970987 रुपए, वर्ष 2022-23 में 1300849 रूपए, वर्ष 2023-24 में 20,33,356 रूपए एवं वर्ष 2024-25 में 9,25,000 रूपए इस प्रकार कुल पवन के द्वारा 77,44,334 रूपए ट्रांसफर कर लिया है। इसके अलावा फर्म का मैनेजर पवन सरावगी के द्वारा कुछ राशि चेक के माध्यम से बिना जानकारी के लिया है। पवन सरावगी के द्वारा उक्त राशि मेरी बिना जानकारी के छलकपटपूर्वक व धोखाधड़ी कर गबन किया है।
इन धाराओं के तहत मामला हुआ दर्ज
जांच उपरांत थाना बैढ़न में आरोपी पवन कुमार सरावगी और संध्या शर्मा के विरुद्ध धारा 318, 316(2), 338, 336(3), 340, 61(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। यह मामला प्रशासनिक सतर्कता, फर्मों के वित्तीय पारदर्शिता और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
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