खैरथल

मनरेगा में भ्रष्टाचार का मामला

कलेक्टर के आदेश के बाद भी अति.कार्यकारी अधिकारी ने नहीं की जांच 

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो

खैरथल : गत 20 फरवरी को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में एक प्रार्थी ने जिला कलेक्टर को मनरेगा में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कर कार्रवाई करने के लिए पत्र दिया गया । जिस पर कलेक्टर द्वारा अति.कार्यकारी अधिकारी खैरथल तिजारा को स्वयं जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए । मामला ग्राम पंचायत इकरोटिया व पंचायत समिति कोटकासिम से संबंधित सीमेंट इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण कार्य में फर्जी स्वीकृति जारी करने एवं नेशनल मॉनिटरिंग सिस्टम से फर्जी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान उठाने का है । इस मामले की जांच हेतु ऐसीईओ द्वारा पहले पंचायत समिति मुंडावर के तीन सदस्यों की जांच टीम गठित की परंतु टीम द्वारा कोई जांच नहीं करने की शिकायत ऐसीईओ को शिकायतकर्ता द्वारा की गई तो जांच टीम को बदलकर पंचायत समिति तिजारा की तीन सदस्य जांच टीम गठित कर दी गई जांच टीम द्वारा शिकायत को बिना तथ्यों की जांच किए ही झूठी साबित कर ऐसीईओ को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई शिकायतकर्ता द्वारा ऐसीईओ को पत्र भेज कर जांच अधिकारियों द्वारा की गई जांच पर आपत्ति दर्ज कराई गई परंतु ऐसीईओ द्वारा जिला कलेक्टर को बिना अपनी अनुशंसा के ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई जबकि कलेक्टर के आदेश थे कि ऐसीईओ स्वयं जांच कर रिपोर्ट पेश करें। इसी मामले की शिकायत अलवर कलेक्टर को भी की गई थी उनके द्वारा सीईओ जिला परिषद अलवर से जांच कराई गई तो शिकायत सही पाई गई उसमें फर्जीवाड़ा व वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया जाना पाया गया । दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है । अब सवाल यह उठता है कि जब प्रकरण की जांच अलवर कलेक्टर द्वारा कराई जाती है तो सीईओ जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करते है की शिकायत सही पाई गई एवं उसी प्रकरण की जांच कलेक्टर खैरथल तिजारा द्वारा ऐसीईओ को करने के आदेश जारी करते हैं तो ऐसीईओ स्वयं जांच नहीं कर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से जांच कराकर शिकायत को झूठी साबित कर रिपोर्ट बिना अपनी अनुशंसा के कलेक्टर खैरथल तिजारा को भिजवा देते हैं। जबकि मामला फर्जी स्वीकृति जारी कर फर्जी श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान उठाने का है। इस मामले में शिकायतकर्ता का कहना है कि सीईओ अलवर द्वारा की गई जांच रिपोर्ट एवं ऐसीईओ द्वारा की गई जांच रिपोर्ट को मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव राजस्थान सरकार को भी भेजी जा रही है जिससे तय हो सके कि कौन सी जांच रिपोर्ट सही है और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है ।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button