खैरथल
रेलवे फाटक पर महाजाम से हल्कान रहें खैरथल वासी

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
खैरथल : खैरथल की लाइफ लाईन कहे जाने वाले रेलवे फाटक संख्या 93 पर महाजाम की समस्या से लोग परेशान चार घंटे तक परेशान रहे सोमवार को हुई बारिश के बाद शहर के अण्डर पास में पानी भरने से रेलवे फाटक पर यातायात का भारी दबाब देखा गया रेल कर्मियों और पुलिस को फाटक बंद कराने और यातायात को सुचारू करने मे भारी मशकत करनी पड़ी पैदल चलने वालो विशेष कर महिलाओं को पैदल फाटक पार करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा
शहर कस्बे की जीवन रेखा कहलाने वाली रेलवे लाइन पर रेल फाटक के ट्रेनों की आवाजाही के कारण अधिकांश समय बन्द रहने रहता है कस्बे के बीचो बीच गुजर रही रेल लाइन को पार करने के लिए मात्र एक रेल फाटक व एक अण्डरपास बना हुआ है। अंडरपास बरसात के मौसम मे लगभग पानी भरने से बंद रहता है
जबकि यातायात का दबाव इतना अधिक है कि जब-जब ट्रेन को सुरक्षित गुजरने के लिए रेल फाटक बन्द होने के बाद खुलता है तो वाहन चालक यातायात नियमों की खुले आम धज्जियां उड़ाते हुए फाटक के दोनों तरफ तीन-तीन लाइन बना कर जल्दी निकलने की कोशिश में रोड जाम करने का कारण बन जाते है।
ऐसे में कई बार वाहन चालकों के साथ हाथापाई व मारपीट तक भी नौबन आ जाती है। कई बार वाहनों के रेलवे ट्रैक पर उलझे होने से ट्रेन को गुजरने के लिए गेटमैन को फाटक बन्द करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ता है। ट्रेनों को भी फाटक बन्द नहीं होने के कारण सिग्नल नहीं मिल पाने से आउटर सिग्नल पर रुकना पड़ता है। यातायात की इतनी भयावह स्थिति बनने के बावजूद ना रेल विभाग की ओर से और ना ही स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया।सरकार द्वारा खैरथल में दो ओवरब्रिज बनाये जाने प्रस्तावित है एक का पैसा भी पूर्व गहलोत सरकार ने जारी किया मगर यहां के स्थानीय नेताओ और उनके बड़े नेताओं और नौकरशाही की मिलीभक्ती का नतीजा है कि रेलवे के द्वारा 2018 मे जारी राजस्थान मे प्रस्तावित ओवरब्रिज की लिस्ट मे होने के बाद भी फाटक नं. 93 पर ओवरब्रिज निर्माण की शुरुआत नही हो पाई जबकि उस लिस्ट मे शामिल अन्य ओवरब्रिज बने चुके है या कार्य प्रगति पर है जिला मुख्यालय होने पर भी जनप्रतिनिधियों द्वारा ओवरब्रिज की शुरुआत तक नही करवा पाना क्या साबित करता है खैरथल के लोग समझ सकते है पर सवाल नही कर पाते है


