बहराइच
तीन दिन में सरयू में समाए 11 मकान, नहीं मिली कोई सहायता

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बहराइच। जनपद के महसी तहसील अन्तर्गत जानकीनगर गांव में तीन दिन के अंदर 11 मकानों को सरयू ने अपनी धारा में समाहित कर लिया। कटान जारी रहने के कारण बचे घरों को लोग खुद ही तोड़ रहे हैं। करीब 15 दिन पूर्व तीन घर नदी में पहले ही समा चुके हैं। इस नुकसान का जायजा लेने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल एक सप्ताह पहले गांव में आया था लेकिन फिर पलट कर वापस नहीं आया। इस गांव में पहले 95 घर हुआ करते थे, अब मात्र 13 घर ही बचे हैं जिनको नदी काटती जा रही है। एक वर्ष पूर्व महसी के जानकीनगर गांव में 95 घर हुआ करते थे। यहां के लोगों की आय का मुख्य साधन कृषि है। सरयू नदी के कछार में खेती करके परिवार का पोषण करते हैं। अचानक विगत वर्ष नदी का रुख गांव की ओर हो गया। गांव के करीब 70 घर या तो नदी में कट कर समाप्त हो गए, या फिर कटान की डर से लोगों ने खुद ही तोड़कर दूसरी जगह बसा लिए। उसके बाद यहां 25 घर बचे थे। 15 दिन पूर्व तीन घर बिना बाढ़ के ही कटकर नदी में समाहित हो गए। उसी समय से लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में थे लेकिन कुछ कर पाते, इससे पूर्व गांव के और 11 घर कटकर नदी में समाहित हो गए। यह सब इतनी तेज हुआ कि गांव के लोग अपना सामान भी नहीं बचा पाए। पूरा का पूरा सामान नदी में समा गया। नदी अभी भी कटान कर रही है। इनका कटा मकान : जानकीनगर के अमेरिका प्रसाद, कैलाश, कुंवारे, रिंकू, राकेश, बालक, मुनिजर, सत्रोहन प्रसाद, पृथ्वीराज व अखिलेश के मकान नदी में समाहित हो गए हैं। ये लोग चाहकर भी अपना सामान तक नहीं बचा पाए। गांव से लगभग 100 मीटर की दूरी पर खेत है। वहां करीब सात लोग अपने परिवार के साथ ठहरे हुए हैं जबकि अन्य लोग अपनी सुविधा के अनुसार आसपास के इलाकों में आशियाना बनाए हुए हैं।



