बेतुल
बैतूल 250 से अधिक मरीजों ने लिया मधुमक्खी थेरेपी शिविर का लाभ
छत्रपति शिवाजी सांस्कृतिक भवन में हुआ शिविर का सफल आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बैतूल। छत्रपति शिवाजी सांस्कृतिक भवन में आयोजित मधुमक्खी थेरेपी शिविर में 250 से अधिक नागरिकों ने इलाज कराया और इस चिकित्सा पद्धति पर भरोसा भी जताया। देशभर में चर्चित डॉ. श्रीराम दिगंबर कुलकर्णी की देखरेख में यह शिविर बैतूल के चिकित्सा इतिहास में एक अहम कदम साबित हुआ। यह आयोजन क्षत्रिय लोणारी कुनबी समाज संगठन के सक्रिय सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें जिले के विभिन्न हिस्सों से 250 से अधिक मरीजों ने भाग लेकर इसका लाभ उठाया। खास बात यह रही कि शिविर में वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति और उत्साह सबसे ज्यादा देखा गया।
शिविर का उद्घाटन विश्वप्रसिद्ध मधुमक्खी चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. श्रीराम दिगंबर कुलकर्णी और उनके सहयोगियों के सम्मान के साथ हुआ। क्षत्रिय लोणारी कुनबी समाज संगठन की ओर से डॉ. कुलकर्णी का श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर समाज संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस आयोजन में संगठन के अध्यक्ष दिनेश म्हस्की, प्रवीण ठाकरे, श्रीमती राजेश्वरी लिखितकर, वरिष्ठ समाजसेवी नारायण धोटे जी, राधेश्याम मालवीय जी, सतीश दीक्षित जी, देवराव देशमुख जी, गावंडे, श्रीमती कल्पना धोटे, नारायण चढ़ोकरजी,श्रीमती मीनाक्षी शुक्ला जी, श्रीमती दर्शना म्हस्की, पारुल ठाकरे, श्रीमती मंगला ताई मानकर, मोहीत गावंडे, सात्विक बारस्कर आदि ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुंबई से जयश्री खाड़गड़े और भिलाई से वैशाली बारस्कर ने इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष परिश्रम किया। शिविर की शुरुआत से पहले डॉ. श्रीराम कुलकर्णी ने मधुमक्खी थेरेपी के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पद्धति हजारों वर्षों से चली आ रही है और आज भी गंभीर बीमारियों जैसे गठिया, नसों की सूजन, पुराने जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग, माइग्रेन जैसी समस्याओं में अत्यंत प्रभावी है। शिविर में डॉ. कुलकर्णी ने बैतूलवासियों का आभार व्यक्त किया और घोषणा की कि यहां हर 15 दिन में नियमित रूप से मधुमक्खी थेरेपी शिविर आयोजित किए जाएंगे।




