गोड्डा

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फुड प्वाइजनिंग से दर्जनों बच्चियों हुई बीमार, सदर अस्पताल में भर्ती 

- डीसी ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से बुधवार को एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब फूड पॉइजनिंग के कारण सैकड़ों छात्राएं बीमार पड़ गई। जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शुरुआती जांच में पता चला कि छिपकली गिरा हुआ खाना खाने से छात्राओं की हालत बिगड़ी है। वहीं घटना का पता चलते ही उपायुक्त अंजली यादव सदर अस्पताल पहुंची और बच्चियों का हाल जाना साथ ही मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दिया। मिली जानकारी के अनुसार सुबह नाश्ते में छात्राओं को चूड़ा और सब्जी परोसी गई थी। नाश्ता करने के करीब 10 मिनट बाद ही कई छात्राओं को चक्कर आने लगे, उल्टी और सिरदर्द, पेटदर्द की शिकायत होने लगी। जब एक के बाद एक बच्चियां बीमार पड़ने लगीं, तो स्कूल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए और तत्काल एम्बुलेंस से सभी को गोड्डा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि एक बच्ची ने बताया कि उसने मिर्च समझ कर छिपकली की पूंछ खा ली। जैसे ही उसे एहसास हुआ, उसकी तबीयत और भी बिगड़ गई। सोनम नाम की इस छात्रा को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया उसकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है।
अस्पताल में मची अफरा तफरी
घटना के बाद सदर अस्पताल का नजारा चिंताजनक हो गया था। एक ही समय में इतनी बच्चियों के आने से अस्पताल में बेड की कमी हो गई, जिस कारण कई बच्चियों का जमीन उपचार किया गया। सही मायने में कहीं जाए तो सदर अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया था । बच्चियों के चेहरों पर डर साफ झलक रहा था, कई बच्चे सदमे में नजर आया हैं। वहीं मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉक्टर जुनैद ने बताया कि सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है, ज्यादातर बच्चियों को प्राथमिक इलाज दे दिया गया है, कुछ की हालत थोड़ी नाजुक थी लेकिन अब कुछ हद तक हालात नियंत्रण में है। वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक कुमार ने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्था पर उठ रहे सवालिया नशान
 पूरे जिले में इस घटना के बाद शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। खाद्य सामग्री की निगरानी, रसोई घर की साफ-सफाई और खानपान की गुणवत्ता को लेकर कस्तूरबा विद्यालय प्रबंधन की बड़ी लापरवाही की बात सामने आ रही है। वहीं यह आशंका जताई जा रही है कि जिले में जितने भी कस्तूरबा विद्यालय हैं शायद सभी विद्यालयों में ऐसी ही लापरवाही हो। कुछ जानकार लोगों एवं बुद्धजीवियों ने जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधीक्षक से इस मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कारवाई करने की बात कही है। साथ ही सभी कस्तूरबा विद्यालय सहित सभी सरकारी विद्यालयों जहां बच्चों को मिड डे मील दिया जाता है उन सभी विद्यालयों की विधि व्यवस्थाओं में कड़ाई कर उसे दुरुस्त किया जाए।
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