रेलवे दुर्गा मंदिर में चोरी से ग्रामीणों में आक्रोश, हिंदू आस्था पर हमला बताकर कड़ी कार्रवाई की मांग
Villagers are angry over theft in Railway Durga Temple, demanding strict action calling it an attack on Hindu faith

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
जामताड़ा। कर्माटांड़ थाना क्षेत्र अन्तर्गत पीडब्ल्यूडी स्थित रेलवे दुर्गा मंदिर परिसर में बीती रात अज्ञात चोरों ने मंदिर का ताला तोड़कर हजारों की संपत्ति चोरी कर ली। चोरी की इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। जानकारी के अनुसार चोरों ने मंदिर के दान पेटी में रखे नगद रुपए, पीतल की परत चढ़ी घंटी, थाली और अन्य पूजासामग्री चोरी कर ली। सुबह मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोगों को चोरी की जानकारी हुई, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे और इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि हिंदू धर्म और आस्था पर सीधी चोट है। घटना को लेकर भाजपा नेता राजेंद्र मंडल ने कहा कि लगातार हिंदू धर्म के प्रतीकों और मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सीताकाटा काली मंदिर और डुमरिया के बजरंगबली मंदिर से भी चोरों ने महत्त्वपूर्ण सामग्रियां चुरा ली थीं। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र में रात्री गश्ती बढ़ाई जाए और चौकीदार की तैनाती की जाए, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष बासुदेव मंडल ने कहा कि बार-बार हो रही मंदिरों में चोरी की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज की आस्था पर बार-बार चोट है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि चोरों की जल्द से जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए। स्थानीय व्यवसायी गुड्डू जायसवाल ने कहा कि आज चोर मंदिरों को निशाना बना रहे हैं, कल को वे आम लोगों के घरों की ओर रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सख्ती दिखानी होगी ताकि अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा हो। वहीं, ग्रामीण राजीव गुप्ता ने कहा कि ऐसी घटनाएं क्षेत्र की सांप्रदायिक सौहार्द्र को भी प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द चोरों को पकड़कर सख्त सजा दी जाए, ताकि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनी रहे और ऐसी घटनाएं दोबारा न हो।


