बहराइच
मिलावटखोरों का नया कारनामा, शीरा, मिट्टी और चीनी में केमिकल डाल बना रहे थे गुड़
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
बहराइच। जनपद के मिहीपुरवा में कुडवा रेलवे क्राॅसिंग के पास एक क्रेशर पर शीरा, मिट्टी व चीनी मिलाकर गुड़ का निर्माण किया जा रहा था। इसको साफ करने के लिए केमिकल का भी इस्तेमाल हो रहा था। इस क्रेशर पर बुधवार को एसडीएम व खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा तो यह खुलासा हुआ। टीम ने जांच के लिए नमूने लेकर वहां मौजूद गुड़ को नष्ट करा दिया। गन्ना पेराई का अभी मौसम नहीं है, और न ही बाहर कहीं से गन्ना आ रहा है। इसके बावजूद नानपारा मिहींपुरवा हाईवे के किनारे कुडवा रेलवे क्राॅसिंग के पास दो कोल्हू की भट्टी (क्रेसर) लगा कर वहां गुड़ बनाया जा रहा था। बकायदा एक डिब्बे में पैक कर ब्रांड नेम का टैग लगा कर बहराइच के अलावा श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, लखीमपुर तथा नेपाल के बाजारों में भेजा जा रहा था।
जानकारी होने के बाद बुधवार को एसडीएम मिहींपुरवा प्रकाश सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दोनों कोल्हू की भट्टियों पर छापा मारा। टीम को गन्ने की जगह पुराना शीरा व मिट्टी से भरा चीनी का बोरा मिला। जिसका इस्तेमाल कर गुड़ बनाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वहां मौजूद इरशाद पुत्र समीऊद्दीन निवासी पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर तथा इंतजार पुत्र लतीफ निवासी तलहडी बुजुर्ग थाना देवबंद जिला सहारनपुर से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि यह गुड़ जब हम लोग पहले अपने यहां बनाते थे, ताे उसे यहां तक भेजने के लिए भाड़ा ज्यादा लगता था। इसलिए हम लोग यहीं आकर गुड़ बनाकर आसपास के जिलों में सप्लाई करते हैं। जिस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी डाॅ. विवेक कुमार वर्मा तथा आदित्य वर्मा ने गुड़ बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री का नमूना भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। इसके साथ ही बनाए गए गुड़ को नष्ट कराते हुए प्लांट को बंद करा दिया।
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शीरा साफ करने के लिए करते थे केमिकल का इस्तेमाल
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि गुड़ बनाने के लिए गन्ने से शीरा निकालने के बजाए पुराने शीरे का इस्तेमाल किया जाता था। इसे साफ करने के लिए आरोपी केमिकल का इस्तेमाल करते थे। इससे पूरा गुड़ जहरीला हो जाता है। इसके इस्तेमाल से गंभीर बीमारी हो सकती है।
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लंबे समय से चल रहा था काला कारोबार चिमनी का धुआं देख पहुंची टीम
यहां जहरीला गुड़ बनाने का काला कारोबार कई महीने से चल रहा था। लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी। इसी कारण कई टन माल यह लोग आसपास के जिलों को भेज चुके हैं। टीम जब रूटीन जांच के लिए निकली तो चिमनी से धुआं निकलते देख टीम मौके पर पहुंची तो वहां गुड़ का काला कारोबार दिखाई दिया। काली पन्नी में पुराना शीरा, गंदी बोरी में मिट्टी के साथ चीनी मिली। जिसका इस्तेमाल गुड़ बनाने के लिए हो रहा था।
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मौके पर 20 क्विंटल से ज्यादा गुड़ मिला
जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां 20 क्विंटल से अधिक गुड़ बन कर पैक हो रहा था। कुछ पंखे के नीचे पड़ा सूख रहा था। जिसे टीम ने नाले में फेंकवा दिया।
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कांवड़ियों को देखते हुए हाईवे पर खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही थी। उसी दौरान यह दो भट्टियां दिखाई पड़ीं। दोनों को सीज कर दिया गया है। बनाए गए गुड़ को नष्ट कराया गया है। इसके साथ ही जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-प्रकाश सिंह एसडीएम मिहींपुरवा



