सिंगरौली

जिला पंचायत सदस्य ने एडमिशन के नाम पर शिक्षा अधिकारी को रिश्वत देने की बात कही, विभाग में मचा हड़कंप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 सिंगरौली : जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है, इस बार वजह बना है एक वायरल ऑडियो, जिसमें जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से ₹20,000 रिश्वत की पेशकश की बात सामने आई है। यह ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इससे न सिर्फ शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
वायरल ऑडियो में संदीप शाह जिला शिक्षा अधिकारी से फोन पर संवाद करते हुए यह आरोप लगाते हैं कि जिले में एडमिशन के नाम पर कुछ शिक्षक छात्रों से ₹10,000 की अवैध वसूली कर रहे हैं। जवाब में जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें संयमित ढंग से बताया कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो संबंधित शिक्षक को सामने लाकर प्रमाण सहित शिकायत दर्ज कराई जाए, ताकि नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जा सके इस दौरान बातचीत का माहौल तनावपूर्ण हो गया, और संदीप शाह अपनी मर्यादा खोते हुए यह कह बैठे कि “आपको ₹20,000 भिजवा दें तो एडमिशन हो जाएगा?” इस कथन ने पूरे संवाद को एक नई दिशा दे दी। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस तरह की भाषा और आरोपों को अस्वीकार्य बताते हुए बातचीत तत्काल समाप्त कर दी।
वायरल ऑडियो ने बढ़ाई चिंता
ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिले भर में राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक चर्चा का विषय बन गया। लोग हैरान हैं कि एक जनप्रतिनिधि, जिसे भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए, वह खुद इस तरह की बातें कर रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों में भी इस प्रकरण को लेकर नाराज़गी और चिंता का माहौल है। कुछ शिक्षक संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी के समर्थन में बयान जारी करते हुए कहा है कि इस तरह की बयानबाजी से न केवल विभाग की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि शिक्षक वर्ग को भी अपमानित किया गया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या जिला प्रशासन संदीप शाह के खिलाफ कोई विधिक कार्यवाही करेंगे या यह मामला भी अन्य विवादों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
नेता जी पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
गौरतलब है कि संदीप शाह पहले भी अपने विवादित बयानों और आचरण को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। इससे पहले भी कई मौकों पर उन्होंने अधिकारियों पर खुलेआम आरोप लगाए हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में वे कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। अब इस नए ऑडियो के सामने आने के बाद उनकी कार्यशैली और सोच पर सवाल उठना लाजिमी है। वायरल ऑडियो ने सिंगरौली जिले में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक गरिमा पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आम जनता, शिक्षक वर्ग और जनप्रतिनिधियों के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या इस बार कोई सख्त कदम उठाया जाएगा, या फिर यह मामला भी राजनीतिक रसूख के चलते दबा दिया जाएगा?
क्या कहते है शिक्षा अधिकारी
इस मामले को लेकर जब जिला शिक्षा अधिकारी एस बी सिंह से बात कि गई तो उन्होंने बताया कि पीएम एक्सलेंस स्कूल में सभी एडमिशन मेरिट लिस्ट के आधार पर ही नियमानुसार किया जाता है। ऐसे में पैसे मांगने जैसी कोई बात ही नहीं हो सकती। फिर उन्होंने गलत तरीक़े से बात करने लगे इसलिए हमने कॉल कट कर दिया।
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