नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
बोकारो । बोकारो पुलिस ने करीबन 75 दिनों की मेहनत के बाद कोर्ट में नौशाद के खिलाफ 124 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। अब कोर्ट में नौशाद पर देशद्रोह के चार्ज के साथ सुनवाई शुरू होगी। देश भर में अपने सोशल मीडिया पोस्ट से वैमनस्य फैलानेवाले नौशाद को 23 अप्रैल 2025 को बालीडीह पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एक दैनिक अखबार ने इस खबर को सबसे पहले प्रकाशित की था। इस गिरफ्तारी के बाद मोहम्मद नौशाद के आतंकी सम्पर्क तलाशने में लग गई थी, देश और झारखंड की सुरक्षा एजेंसियां। नौशाद की गिरफ्तारी के बाद बिहार से लेकर यूपी तक इसके सम्पर्क की तलाशी और पूछताछ हुई। बोकारो पुलिस ने 23 अप्रैल को नौशाद को गिरफ्तार कर जब जेल भेजा था, तब भारतीय न्याय संहिता की जो धाराएं लगायी गई थी, उसमें देशद्रोह की धारा नहीं लगायी गयी थी, लेकिन जांच के बाद दी गई चार्जशीट में यह धारा अब लगने की सूचना है। बोकारो से पहले रांची में भी वर्ष 2025 के मार्च महीने में उस पर केस हुआ था लेकिन तब पुलिस ने उसे हल्के में लिया था। आपको बता दें कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए 26 पर्यटकों को लेकर देश शोक में था तो दूसरी तरफ बोकारो का एक जेहादी नौशाद पाकिस्तान और आतंकी संगठन लश्करे तैयबा को सोशल मीडिया द्वारा धन्यवाद कह रहा था। इस खबर को सबसे पहले एक दैनिक अखबार ने प्रकाशित की | बोकारो पुलिस ने इस जेहादी नौशाद को गिरफ्तार कर #बालीडीह थाना में कांड संख्या – 138 / 2025 दर्ज की। पुलिस ने इस मामले में बी एन एस की 152, 196 (1) (ए ) 196 (1) ( b), 197 ( 1) (सी), 197 ( 1), (डी ) और आईटी एक्ट 66 एफ लगाया। इन धाराओं के साथ पुलिस ने नौशाद पर सार्वजानिक शांति भंग करने का इरादा, अश्लील सामग्री बनाना और उसका प्रकाशन, बच्चों से जुडी अश्लील सामग्री, गैर सहमति से व्यक्तिगत तस्वीरें या वीडियो शेयर करना, निजी जानकारी और डाटा को बिना इजाजत शेयर करना और साइबर आतंकवाद का मामला बनाया है। इसमें आईटी एक्ट की धारा सर्वाधिक खतरनाक है, इसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। आपको बता दें कि नौशाद विदेश में रहने वाले अपने भाई मनका सम्मेद के नाम से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करता रहता था। पहलगाम मामले में किया गया पोस्ट इसका पहला नहीं था। इसके पहले भी इसने अनेक आपत्तिजनक पोस्ट किया था ( नीचे देखें इसके पोस्ट का स्क्रीनशॉट)। रामनवमी के समय इसके खतरनाक पोस्ट के खिलाफ #दिल्ली की निवासी कंचन की शिकायत पर रांची के साइबर थाने में दरोगा पंकज कुमार के बयान पर शिकायत दर्ज हुयी थी। लेकिन इसके बावजूद यह लगातार भयावह और आपत्तिजनक पोस्ट करता रहा। बोकारो में गिरफ्तारी के बाद बिहार के #गांधी मैदान में हुए बम विस्फोट से लेकर अन्य आतंकी गतिविधियों में इसकी संलिप्तता तलाशी गई ।
23 अप्रैल की गिरफ्तारी के बाद झारखंड और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियां 24 अप्रैल को बोकारो पहुंची। इसके मखदुमपुर के मिल्ल्त नगर स्थित घर गयी। जानकारी मिली कि 08 वर्ष की उम्र तक मखदुमपुर मस्जिद में इसने तालीम हासिल की | इसके बाद मदरसा रहमानिया बंदयु, चंद्रपुरा में वर्ष 1999 से 2001 तक, हजारीबाग के मदरसा हुसेनिया पेलावर में 2002 तक, धनबाद के मदरसा रिजाउल उलुम में 2003 से 2005 तक धार्मिक तालीम हासिल की। इसके बाद यूपी के सहारनपुर के मदरसा दारुल उलुम देवबंध में 2007 से 2012 तक तालीम ली। ततपश्चात इस्लामिक लॉयर का चोला पहनकर देश के विभिन्न राज्यों में घूमता रहा।अब नौशाद की गिरफ्तारी के करीबन ढाई महीने बाद कोर्ट में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है।



