
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई एवं स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए पिछले कई वर्षों से इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। जिसके तहत एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की समन्वय समिति से डॉ राजीव दुबे (चेयरमैन), कृष्ण कुमार गुप्ता( वाइस चेयरमैन), पूनम गुप्ता (वाइस चेयरपर्सन), के एम अग्रवाल (प्रेसिडेंट) व अमित वशिष्ट (वाइस प्रेसिडेंट) मौजूद रहे।

समन्वय समिति के अध्यक्ष डॉ. राजीव दुबे ने कहा कि समृद्धि सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, यह एक राष्ट्रीय आंदोलन है जो हर उस उद्यमी को आर्थिक सशक्तिकरण देने के लिए है जिसके पास सपना है, पर संसाधन नहीं है।
प्रेस वार्ता में विस्तार से बताया गया कि जैसे-जैसे भारत 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है, “विकसित भारत के दृष्टिकोण के साथ यह जरूरी हो गया है। हम अपनी आर्थिक रणनीतियों को पुनः परिभाषित करें, प्रमुख विकास क्षेत्रों की पहचान करें, और ऐसी तकनीकी नवाचारों को अपनाएं जो हमारे भविष्य को आकार देंगे। इसी राष्ट्रीय दृष्टिकोण के तहत, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वाधान में समृद्धि कॉन्क्लेव 2025 भारत का पहला लोन और बिज़ एक्सपो एक उत्प्रेरक मंच के रूप में सामने आ रहा है। जो 1 से 3 अगस्त 2025 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह कॉन्क्लेव वित्तीय समावेशन और उद्यमशीलता को नया जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। समृद्धि कॉन्क्लेव 2025 ,वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना,विकास पूंजी को अनलॉक करना, एमएसएमई,स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और युवा नवाचारियों के लिए नए अवसर बनाना जैसे उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव में बैंक, एनबीएफसी , फिनटेक कंपनियाँ,व्यापार समाधान प्रदाता, नीति निर्माता, इनक्यूबेटर और उद्यमी एक ही मंच पर वित्त पोषण, मेंटरशिप, नेटवर्किंग और सहयोग के नए आयाम स्थापित करेंगे। समृद्धि कॉन्क्लेव 2025 एक अनोखा अवसर प्रदान करता है, जहाँ वे बड़े पैमाने पर एमएसएमई से सीधे जुड़ सकते हैं और अपने लोन वितरण लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं। कॉन्क्लेव में नव उद्यमी ,लोन एक्सपो पवेलियन अग्रणी ऋणदाताओं के साथ सीधी बातचीत कर सकेंगे, प्लैनेट स्टार्टअप और एमएसएमई नवाचार, सेवाएं, उत्पादों की प्रदर्शनी होगी साथ ही कॉन्क्लेव 2025 सेशंस कानूनी, डिजिटल और वित्तीय विकास पर विशेषज्ञों से सीख ले सकते हैं एवं
शीर्ष सरकारी अधिकारियों और विचारकों के साथ पैनल चर्चा में भाग ले सकते हैं। समन्वय समिति ने 200 से अधिक प्रदर्शकों के अलावा लगभग 60 हजार से अधिक आगंतुकों का जमावड़ा लगने की आशा जताई।
जानकारों द्वारा बताया जा रहा है कि एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।यह कार्यक्रम भारत के वित्तीय और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ बनने जा रहा है।



