देसी पाठ्यक्रम के इनपुट डीलर को जुली ख्रिष्टमणी हेम्ब्रम ने किया डिप्लोमा प्रमाण पत्र का वितरण
Julie Christmani Hembram distributed diploma certificates to input dealers of Desi course

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। बीते 12 जुलाई 2025 को आत्मा सभागार, पाकुड़ में देसी ( DAESI ) पाठ्यक्रम बैच 2020-21 के इनपुट डीलर को प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का माननीय अध्यक्षा , जिला परिषद पाकुड़, श्रीमति जुली खिष्टमनी हेंब्रम , जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार , जिला उद्यान पदाधिकारी प्रसेनजीत महतो भूमि संरक्षण पदाधिकारी सुचित एक्का के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम मे कृषि व्यवसायियों को कृषि प्रसार में डिप्लोमा (देसी) का सर्टिफिकेट वितरण माननीया के द्वारा किया गया। माननीय जिला परिषद अध्यक्ष महोदया द्वारा संबोधन के माध्यम से इनपुट डीलर को संदेश दिया गया कि अपने-अपने क्षेत्र के किसानों को कृषि की तकनीकी जानकारी से अवगत कराएं ताकि किसान खेती की लागत कम कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। जिला कृषि पदाधिकारी -सह – परियोजना निदेशक, आत्मा, पाकुड़ मृत्युंजय कुमार द्वारा बताया गया कि देसी पाठ्यक्रम के इनपुट डीलर किसानों को प्रशिक्षण में प्राप्त खेती-बाड़ी की तकनीकी जानकारी दें। किसान इनपुट डीलर के पास जो भी खेती बाड़ी से संबंधित समस्या लेकर आते है, उनका अपने स्तर से निदान करें। ऐसे डिप्लोमाधारी इनपुट डीलर से किसानों को अपने ग्राम पंचायत में ही तकनीकी जानकारी मिल सके, इसके लिए देसी पाठ्यक्रम मैनेज, हैदराबाद और समेति, झारखंड, रांची के मार्गदर्शन में संचालित किया जाता है। किसानों को ऐसे डिप्लोमाधारी इनपुट डीलर से खेतों में गुणवत्तायुक्त इनपुट सामग्री जैसे बीज , खाद , खरपतवारनाशक , कीटनाशक की जानकारी मिलेगी तथा किसानों के फसलों के उत्पादन को बढ़ाने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष महोदया द्वारा किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना अंतर्गत उरद बीज का वितरण किया। मु० शमीम अंसारी, फैसिलिटेटर देसी ने बताया कि इनपुट डीलर को किसानों के बीच वैज्ञानिक तकनीक का प्रचार प्रसार भी करना चाहिए और नई तकनीक का किसानों के खेतो मे प्रत्यक्षण करें ताकि किसान नई तकनीक को अपना सके। कार्यक्रम मे उप परियोजना निदेशक आत्मा, पाकुड़, प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक -सह – फैसिलिटेटर, देसी पाठ्यक्रम, पाकुड़, मो० मेहबुब आलम, संजय कुमार, आत्मा के अन्य कर्मी एवं किसान उपस्थित रहे।



