नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बड़ौत (बागपत)। हर साल सावन का महीना भक्ति, श्रद्धा और आस्था का प्रतीक होता है, लेकिन इस बार एक कांवड़िए की कावड़ ने श्रद्धा को एक नई ऊंचाई दे दी। इस बार शिवभक्ति में शामिल भाव केवल धार्मिक नहीं थे, बल्कि एक ऐसे डॉक्टर के प्रति कृतज्ञता से भरे हुए थे, जिसने “भगवान का रूप डॉक्टर होता है” – इस कहावत को जिंदा कर दिखा दिया।
यह कहानी है विशाल भारद्वाज नामक व्यक्ति की, जो हरिद्वार से बड़ौत तक कावड़ लेकर आया – लेकिन ये कावड़ भगवान शिव के लिए नहीं, बल्कि एक जीवित देवता के सम्मान में थी – डॉ. अभिनव तोमर के लिए।
कविता जैसी कहानी – नवजात बेटी की लड़ाई मौत से
कुछ महीने पहले की बात है। विशाल भारद्वाज अपनी नवजात बच्ची को लेकर घबराए हुए डॉ. अभिनव तोमर के क्लीनिक पहुंचे। बच्ची समय से पहले पैदा हुई थी, और सांसें बमुश्किल चल रही थीं। डॉक्टरों की नजर में हालात बेहद नाजुक थे।
परिजनों की आंखों में आंसू और उम्मीद की आखिरी लौ जल रही थी। तभी डॉक्टर अभिनव तोमर ने बिना समय गंवाए बच्ची का इमरजेंसी ट्रीटमेंट शुरू किया। उनका अनुभव, सजगता और निःस्वार्थ सेवा भावना ने चमत्कार कर दिखाया। बच्ची की सांसें लौट आईं। न केवल एक जान बची, बल्कि एक बाप की दुनिया उजड़ने से बच गई।
डॉक्टर की फोटो लगी कावड़ – पूरे शहर में बना चर्चा का विषय
इस भावनात्मक घटना ने विशाल के मन में डॉक्टर के प्रति एक अनोखी श्रद्धा जगा दी। उसने ठान लिया कि इस साल जो कावड़ वो लाएगा, उसमें भगवान शिव के साथ डॉक्टर अभिनव तोमर की भी पूजा होगी।
हरिद्वार से पैदल कावड़ यात्रा के दौरान विशाल ने अपनी कावड़ पर डॉ. अभिनव तोमर की तस्वीर लगाई। “मेरी बेटी को दूसरा जन्म देने वाले डॉक्टर मेरे लिए भगवान से कम नहीं,” विशाल ने कहा।
जब बड़ौत नगर में यह विशेष कावड़ पहुंची तो लोग आश्चर्यचकित रह गए। किसी ने पहली बार ऐसा दृश्य देखा था – जहां एक डॉक्टर की छवि के साथ “शिव शिव” के जयकारे हो रहे थे।
जनमानस में गूंजा डॉक्टर की सेवा का सम्मान
इस दृश्य को देखकर बड़ौत ही नहीं, आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर भी डॉक्टर अभिनव तोमर की इस मानवीय सेवा भावना की जमकर सराहना की जा रही है।
कई वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा, “इस कावड़ ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है – डॉक्टर केवल व्यवसायी नहीं, सच्चे अर्थों में मानवता के रक्षक हैं।”
कई मरीजों के लिए मसीहा बन चुके हैं डॉ. अभिनव
डॉ. अभिनव तोमर चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सरलता, दक्षता और संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं। बड़ौत सहित पूरे क्षेत्र में वे पहले भी कई जटिल मामलों में जान बचा चुके हैं, लेकिन इस बार उनके एक कार्य ने उन्हें एक श्रद्धा का केंद्र बना दिया।
संवेदना और सेवा – यही है सच्चा धर्म
सावन के इस पावन अवसर पर, जहां शिव की भक्ति सर्वोपरि है, वहीं एक डॉक्टर को इस रूप में सम्मानित किया जाना न केवल भावुक कर देने वाला है, बल्कि आज के समाज को इंसानियत की नई मिसाल भी देता है।
आज जब स्वास्थ्य सेवाओं पर कई सवाल उठते हैं, ऐसे में डॉ. अभिनव तोमर जैसे सेवाभावी चिकित्सक समाज में विश्वास और भरोसे की लौ बनाए रखते हैं।



