बीएडकी मान्यता रद्द होने पर अभाविप ने सौंपा ज्ञापन, छात्रों ने जताई गहरी चिंता
ABVP submitted a memorandum on cancellation of B.Ed recognition, students expressed deep concern

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ जिले में संचालित के.के.एम. महाविद्यालय से बीएड की मान्यता रद्द होने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं द्वारा आज प्रभारी प्राचार्य डॉ. समर कुमार को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान बीएड के कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। छात्रों ने कहा कि पाकुड़ एक जनजातीय बहुल क्षेत्र है और यहां उच्च शिक्षा के सीमित साधनों के बीच बी.एड. जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई बंद हो जाना क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर धक्का है। छात्रों ने यह भी चिंता व्यक्त की कि भविष्य में यदि किसी छात्र को शिक्षक पद पर नौकरी मिलती है, तो उसके प्रमाण पत्र के सत्यापन में मान्यता समाप्त होने के कारण कानूनी और तकनीकी अड़चनें उत्पन्न हो सकती हैं। अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पहले भी पत्राचार कर 7 दिन का समय मांगा गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अभाविप कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मान्यता बहाल नहीं की जाती, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा। जब तक बी.एड. संस्थान को पुनः मान्यता नहीं मिलती, अभाविप लगातार संघर्षरत रहेगा। अभाविप ने 1.संस्थान की मान्यता शीघ्र बहाल की जाए।, 2.विद्यार्थियों को मानसिक तनाव और भविष्य के संकट से बचाया जाए। 3.भविष्य की पीढ़ियों के लिए शिक्षण के अवसरों को बंद न किया जाए। मांग किया। विद्यार्थी परिषद के शिष्ट मंडल में अमित साहा, राजेश सोरेन, मनोज हेंब्रम उत्तम दत्ता, इमानुएल , बम भोला उपाध्याय, अंकित कुमार सहित कई छात्र उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित छात्रों एवं कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेकर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।



