बेतुल

बैतूल प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने टोल टैक्स फ्री की उठाई मांग

केंद्रीय मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

,नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

बैतूल। देशभर के पत्रकारों के अधिकारों और हितों के लिए लगातार संघर्ष करने वाला संगठन प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (पीसीडब्लूजे) एक बार फिर सुर्खियों में है। संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट डॉ. सैय्यद खालिद केस वर्षों से पत्रकारों की सामाजिक और व्यावसायिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सजग और सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चाहे वो पत्रकार सुरक्षा की बात हो चाहे पत्रकारों के साथ हो रही घटनाएं हो वही खालिद केस जी के आदेश अनुसार इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए पीसीडब्लूजे के बैतूल जिला अध्यक्ष इरशाद खान ने एक नई और सराहनीय पहल की है। इरशाद खान ने देशभर में कार्यरत पत्रकारों की चार पहिया वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त करने की मांग को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नाम एक ज्ञापन तैयार किया। यह पत्र जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को सौंपा गया, ताकि इसे औपचारिक माध्यम से केंद्र सरकार तक भेजा जा सके।
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पत्रकारों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अक्सर विभिन्न जिलों, शहरों, ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रिपोर्टिंग के लिए नियमित रूप से यात्रा करनी पड़ती है। कई बार कठिन परिस्थितियों में, सीमित संसाधनों के साथ पत्रकारों को तत्काल घटनास्थल तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में लगातार टोल टैक्स देना उनके लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित होता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जैसे कुछ अन्य वर्गों को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं, ठीक उसी प्रकार पत्रकारों को भी उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक उत्तरदायित्वों को देखते हुए सहूलियत मिलनी चाहिए। यदि पत्रकारों को टोल टैक्स में छूट प्रदान की जाती है, तो यह ना सिर्फ पत्रकारिता को सहयोग देगा बल्कि स्वतंत्र और निर्भीक मीडिया को भी मजबूती प्रदान करेगा। इरशाद खान ने कहा कि पत्रकार देश का चौथा स्तंभ हैं और लोकतंत्र की मजबूती में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार को चाहिए कि पत्रकारों की जमीनी जरूरतों को समझते हुए इस मांग पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करे। पीसीडब्लूजे की इस पहल को बैतूल सहित प्रदेश और देशभर के पत्रकार संगठनों से भी समर्थन मिल रहा है। पत्रकारों का मानना है कि यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेती है तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा, जो मीडिया कर्मियों के मनोबल को और अधिक ऊंचाई देगा। साथ ही इसकी एक प्रति राष्ट्रपति श्री द्रोपदी मुर्मु, प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव को भी भेजी गई है
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