कवि गोष्ठी में बही कविता की रसधार
हर विभाग का चोर है अफ़सर. चलती खूब दलाली है मेरे देश का कर्णधार ही हमको देता गाली ---राम बदन शुक्ल पथिक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। वृहस्पतिवार को कुंडवा, रेभा में अवधी साहित्य संस्थान की ओर से रेभिया नदी के तट पर स्थित श्री मल्लिकार्जुन संकटमोचन धाम पर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समापन अवसर पर देर शाम एक साहित्यिक कवि गोष्ठी में बही कविता की रसधार। कवियों ने अपनी रसभरी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. अभिमन्यु पाण्डेय के संयोजन में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया।कवि गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए ज्ञानेंद्र पाण्डेय अवधी मधुरस ने पढ़ा,बरगद पनघट पर खड़ा बाँट रहा है छाँव, कछु आये औ कछु गये बैठी पछारे पाँव, प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम ने पढ़ा. प्रेम की उमंग में तरंग जब आये तो, स्वयं को डुबाने भगवान चले आते हैं। राम बदन शुक्ल पथिक ने पढ़ा कि हर विभाग का चोर है अफ़सर. चलती खूब दलाली है। मेरे देश का कर्णधार ही हमको देता गाली है।हरिनाथ शुक्ल हरि ने पढ़ा कि बड़ी मेहनत बा धान की रोपाई मा. दउड़ा दर दवाई मा. नरेंद्र प्रसाद शुक्ल ने पढ़ा कि कुछ तो कदम बढ़ाना होगा आज नहीं तो कल. चूके तो पछताना होगा आज नहीं तो कल. रामेश्वर सिंह निराश ने पढ़ा, हिन्दी मुस्लिम सिख ईसाई सब आपस में भाई भाई हरे रामा जहां धर्म सब प्यारा हिंदुस्तान हमारा ना. सुरेश चंद्र शुक्ल नवीन ने पढ़ा, फूल खिले हैं गुलसन गुलसन बगिया और बहारों में. तुमको उठा साथी मेरे लाये गलियारे चौबारे में। शबीर अहमद सूरी ने पढ़ा. प्यार ही प्यार है दुनिया में बताना होगा.फूल बागों में नहीं घर में खिलाना होगा. कवि गोष्ठी में डॉ.केशरी शुक्ल,अभिजित त्रिपाठी,विवेक मिश्र, राम कुमारी साहु, जगदंबा तिवारी मधुर, अमर बहादुर सिंह,चंद्र प्रकाश पाण्डेय मंजुल आदि ने अपनी रसभरी कविताओं से मंत्रमुग्ध कर दिया. इस अवसर पर वैभव मिश्र, अखिलेश पाण्डेय, दीपक मिश्र,कैलाश शर्मा,टी पी सिंह,विनोद चंद्र मिश्र, त्रिभुवन पाण्डेय,मोहन लाल पाण्डेय आदि भारी संख्या में उपस्थित रहे. कवि गोष्ठी का संचालन प्रख्यात कवि समीर मिश्र ने किया. अंत में अवधी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पाण्डेय ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

