बेतुल
बैतूल बिजली कंपनी में संविदा कर्मियों को बिना शर्त करें नियमित, महासंघ ने उठाई मांग
विद्युत कंपनी के संविदा कर्मियों के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। बिजली कंपनी में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर अब बिजली कर्मचारी महासंघ ने आवाज बुलंद कर दी है। महासंघ की बैठक रविवार को बिजली कर्मचारी महासंघ कार्यालय अधिकारी में संपन्न हुई, जिसमें एक स्वर में यह मांग की गई कि नवीन ऑर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर (O5) के तहत वरिष्ठता के आधार पर सभी संविदा कर्मचारियों को बिना शर्त 100 प्रतिशत आरक्षण के साथ नियमित किया जाए।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के पूर्व महामंत्री मधुकर साबले, विभाग प्रमुख विनय डोंगरे, भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री पंजाबराव गायकवाड़, अध्यक्ष संपत दरवाई, बिजली कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष चंद्रभान पंडाग्रे, सचिव विजय यादव, भारतीय मजदूर संघ के उपाध्यक्ष पर्वतराव ठाकरे, संतोष गुप्ता और बाबूलाल पवार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर सैकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद थे। बैठक का संचालन निशांत मेश्राम ने किया, जबकि कुलदीप ठाकरे ने संविदा कर्मचारियों से जुड़ा प्रस्ताव बैठक में प्रस्तुत किया।
बैठक में यह तर्क रखा गया कि बिजली कंपनियों में काम कर रहे संविदा कर्मियों ने पूरी निष्ठा और सेवाभाव के साथ वर्षों से कार्य किया है। इन सभी ने कंपनी की पूर्व की विज्ञप्ति और भर्ती नियमों का पालन कर चयन प्राप्त किया था। इनमें से अधिकतर कर्मियों के पास न केवल आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी अर्हता है, बल्कि वर्षों का अनुभव भी है। वर्तमान में इन संविदा कर्मियों को केवल 10 प्रतिशत मानदेय प्राप्त हो रहा है, जिससे उनका जीवन यापन कठिन हो गया है। महासंघ का कहना है कि यदि इन्हें नवीन ऑर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर O5 के अंतर्गत बिना शर्त नियमित कर दिया जाता है, तो इससे बिजली कंपनियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इसके विपरीत कंपनियों को पहले से प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों की सेवाएं सुचारू रूप से मिलती रहेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन कर्मियों की मांगों की अनदेखी की गई तो आगामी समय में संविदा कर्मियों के साथ व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है।




