बेतुल
बैतूल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक संपन्न
कलेक्टर ने योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के दिए निर्देश

पर्वतीय क्षेत्रों की खेती और बीज उत्पादन से जुड़ी बारीकियों से किसानों को कराया अवगत
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आत्मा गवर्निंग बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह बैठक जिले के किसानों की स्थिति सुधारने, कृषि से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करने और आगामी कार्य योजना को लेकर रणनीति बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बैठक में कृषि, पशुपालन, मछली पालन और उद्यानिकी विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों ने भाग लिया। आत्मा योजना से जुड़े सदस्यगण और कृषक प्रतिनिधि भी इस समीक्षा बैठक में उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि विभाग की समस्त योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंचाई जाएं, ताकि अंतिम पंक्ति के किसान तक इनका सीधा लाभ मिल सके।
—कृषि यंत्रों और योजनाओं के प्रशिक्षण पर दिया जोर—
कलेक्टर ने कहा कि किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग की तकनीकी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही पशुपालन, मछली पालन, जैविक खेती और उद्यानिकी जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में वर्ष 2025 की योजनाओं की समीक्षा की गई और वर्ष 2026 की कार्ययोजना पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
—जैविक खेती को लेकर किसान मोर्चा ने रखे विचार—
किसान मोर्चा के महामंत्री और आत्मा के सदस्य पर्वतराव धोटे ने बैठक में बताया कि जैविक खेती के प्रशिक्षण से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है और वे अब रासायनिक खेती से हटकर प्रकृति-आधारित खेती की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में जैविक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने गुजरात में प्राप्त पशुपालन प्रशिक्षण और महाराष्ट्र में आयोजित कृषि भ्रमण की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस तरह के अध्ययन यात्राओं से किसानों को नई तकनीकों की समझ मिलती है। किसानों को पर्वतीय क्षेत्रों की खेती और बीज उत्पादन से जुड़ी बारीकियां समझाई गईं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सके हैं।
—कृषि ऐप के माध्यम से किसानों को जोड़ने की पहल—
बैठक में आत्मा के सदस्य भोला खंडेलवाल ने बताया कि उनका समूह किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक विशेष “कृषि ऐप” पर कार्य कर रहा है। इस ऐप के माध्यम से किसानों को समय-समय पर योजनाओं, अनुदानों, प्रशिक्षण शिविरों और बाजार मूल्य की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिलेगी। बैठक में उपसंचालक कृषि डॉ. आनंद बडोनिया ने किसानों को उपलब्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जैविक खेती के लाभ और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषकों को प्रशिक्षण के माध्यम से नई तकनीकों से जोड़ना आवश्यक है। डॉ. प्रमोद मीणा ने कृषि यंत्रों पर दी जा रही सरकारी सब्सिडी और आत्मा योजना के तहत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों पर जानकारी दी। सहायक यंत्री विजेंद्र वाईकर, मत्स्य विभाग से खरे जैन, हॉर्टिकल्चर से संतोष युवने, पशुपालन विभाग से डॉ. सुमित राजपूत, सलीम तथा जिले के कई किसान प्रतिनिधि इस बैठक में उपस्थित रहे।




