अमरोहा
अल्लाह के सिवा कोई सुपर पावर नहीं – मौलाना जमीर जाफरी
इमामबारगाह "दादे वाला" में मजलिस का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सैदनगली। अगर कोई दुनिया की किसी ताकत को सुपर पावर समझता है, तो यह उसके ईमान की कमजोरी है। क्योंकि सुपर पावर सिर्फ अल्लाह है। अमेरिका और इज़राइल आज के यजीद हैं।
नगर पंचायत सैदनगली की इमामबारगाह “दादे वाला” में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में मर्सिया ख्वानी डॉ० लईक़ हैदर और उनके हमनवाओं ने की। मौलाना आगा जमीर अब्बास जाफरी ने लोगों को खिताब फरमाते हुए कहा कि फर्श ए अज़ा हमारी तरबियतगाह है। इस पर आने वाला कभी गुमराह नहीं हो सकता और न कभी शिर्क कर सकता है। मरे हुए यजीद पर लानत करना आसान है, लेकिन वक्त के यज़ीद की आंखों में आंखें डालकर वही बात कर सकता है जो सच्चा हुसैनी है। लोग अमेरिका और इसजराइल को सुपर पावर कहते हैं। दुनिया की किसी ताकत को सुपर पावर मान लेना ईमान की कमजोरी है, क्योंकि सुपर पावर सिर्फ अल्लाह रब्बुल इज्जत है। जंग ए बदर में मुसलमानों के पास हथियार नहीं थे, लेकिन ईमान की ताकत थी। जिसकी वजह से फतह नसीब हुई। सबसे ज्यादा अहम दो चीज हैं। एक ईनाम और दूसरा इल्म। अपना ईमान मजबूत रखो और इतना इल्म हासिल करो कि दुनिया के हर यज़ीद की आंखों में आंखें डाल कर बैअत का इनकार कर सको। इस अवसर पर मुख्य रूप से असद अब्बास, शौकत मेहंदी, सुहैल अब्बास एड०, नवाबुल हसन, रियाज उल हसन, फहीम हैदर, अज़ादार, सिकन्दर, मीसम रज़ा, अरीब हैदर एड०, जावेद रजा उर्फ बॉबी, कैसर हुसैन, अलाउददीन सैफी, कुमैल असगर, नसीरूल हसन, अम्मार रिज़वी, बिलाल बाकरी, मिसाल अब्बास, अली काशिफ, दानिश बाकरी, फजल अब्बास, शोएब राजा उर्फ बिट्टू, मौ० हैदर अब्बास, शान ए हैदर, खालिक हैदर, जमाल हैदर, हसन मेंहदी आदि मौजूद रहे।



