बेतुल

बैतूल आदिवासी युवक और युवतियों के साथ हुई प्रताड़ना के मामले में एसपी से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन

युवती को जेल और युवक की पिटाई मामले में प्रकरण दर्ज करने की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। जिले के आदिवासी क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री और प्रशासनिक चुप्पी के विरोध में आदिवासी कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाया है। भैंसदेही और आमला क्षेत्र में आदिवासी युवक और युवतियों के साथ हुई मारपीट व प्रताड़ना के मामलों को लेकर मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
आदिवासी कांग्रेस का आरोप है कि आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले में अवैध शराब का कारोबार लगातार फैलता जा रहा है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। बैतूल जिले के गांव-गांव में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। इसका सीधा असर आदिवासी युवाओं पर पड़ रहा है, जो नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। शिकायत के बाद भी पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रशासन की चुप्पी से शराब माफियाओं के हौसले बुलंद
रामू टेकाम ने आरोप लगाया कि प्रशासन की चुप्पी से शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने बताया भैंसदेही ब्लॉक में शराब ठेकेदार के गुर्गों द्वारा आदिवासी युवक संदीप चिलाटे चिल्हाटे की बर्बरतापूर्वक पिटाई की गई और थाने में भी उसे प्रताड़ित किया गया। वहीं आमला तहसील के ग्राम नरेरा में आबकारी विभाग के पुरुष कर्मचारियों ने आदिवासी महिलाओं और छात्राओं से मारपीट की। इस घटना में 19 वर्षीय आदिवासी बेटी को जेल भेज दिया गया।
रामू टेकाम ने कहा कि यह सिर्फ अवैध शराब का मामला नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के मान-सम्मान और अधिकारों का हनन है। उन्होंने दोषी आबकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत एफआईआर दर्ज करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की।
– अवैध शराब कारोबार पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए: हेमंत वागद्रे
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने जिले भर में चल रहे अवैध शराब कारोबार पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य जिले में प्रशासन की मिलीभगत से शराब माफिया जैसे गुंडाराज चला रहे हैं। सरकार एक तरफ आदिवासी विकास की बात करती है और दूसरी ओर उनके साथ हो रहे अत्याचारों पर मौन साधे बैठी है। ज्ञापन सौंपते समय रामू टेकाम के साथ हेमंत वागद्रे, आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंजाब आहके, सहित उपस्थित रहें l
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