हरियाणवी सिनेमा के स्टार उत्तर कुमार पर गंभीर आरोप,
गैंगरेप और एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज
गाजियाबाद | हरियाणवी फिल्मों के चर्चित अभिनेता और निर्माता उत्तर कुमार के खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ है। गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में एक 25 वर्षीय हरियाणवी अभिनेत्री की शिकायत पर उनके विरुद्ध दुष्कर्म (IPC 376) और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के तहत 23 जुलाई 2025 को एफआईआर दर्ज की गई।
कौन हैं उत्तर कुमार?
उत्तर कुमार हरियाणवी फिल्मों के एक सुपरस्टार माने जाते हैं। फिल्म “धाकड़ छोरा” से उन्हें विशेष प्रसिद्धि मिली थी। ग्रामीण भारत और हरियाणा में उनकी फिल्मों की लोकप्रियता व्यापक है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता महिला, जो खुद एक अभिनेत्री हैं, ने आरोप लगाया है कि उत्तर कुमार ने उन्हें फिल्मी ब्रेक और शादी का झांसा देकर लगातार तीन वर्षों तक (अगस्त 2020 से नवंबर 2023) यौन शोषण किया।
पीड़िता के मुताबिक:
“उत्तर कुमार ने शुरुआत में अभिनय के अवसर दिलाने का वादा किया। फिर मुझे बार-बार अपने शालीमार गार्डन स्थित ऑफिस और अमरोहा के फार्महाउस पर बुलाया। उन्होंने मेरी मजबूरी का फायदा उठाया और विरोध करने पर धमकाया कि फिल्म इंडस्ट्री में मुझे कोई काम नहीं देगा।”
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने शादी की बात की, तो जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया और कहा कि “तेरे जैसे समाज की लड़की से शादी नहीं करूंगा।” यह कथन SC/ST एक्ट के तहत दंडनीय है।
FIR में क्या-क्या शामिल है?
- धारा 376 IPC (बलात्कार)
- SC/ST एक्ट की धाराएँ
- धमकी, विश्वासघात, और मानसिक उत्पीड़न के अतिरिक्त आरोप
महिला ने पुलिस को डिजिटल साक्ष्य, जैसे कि चैट, वॉयस रिकॉर्डिंग और वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट सौंपे हैं।
पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर प्रतीत हो रहा है। केस फाइल जांच अधिकारी को सौंप दी गई है और उत्तर कुमार को जल्द तलबी नोटिस जारी किया जाएगा।
थाना प्रभारी शालीमार गार्डन का बयान: “हम केस की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।”
उत्तर कुमार की चुप्पी:
मामले को लेकर अब तक उत्तर कुमार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उनके प्रबंधक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला।
कानूनी नजरिया:
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आरोप साबित होते हैं, तो उत्तर कुमार को 7 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। वहीं, SC/ST एक्ट के उल्लंघन में जमानत मुश्किल हो सकती है।
समाज में हलचल, सोशल मीडिया पर बहस:
मामले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग उत्तर कुमार का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं।
विशेष टिप्पणी:
इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या फिल्म उद्योग में प्रभावशाली लोगों द्वारा नवोदित कलाकारों का शोषण एक आम चलन बनता जा रहा है? यदि आरोप सही हैं, तो यह न केवल एक व्यक्ति की आपराधिक प्रवृत्ति, बल्कि पूरी इंडस्ट्री में व्याप्त संरचनात्मक असमानता की ओर इशारा करता है।
उत्तर कुमार पर लगे आरोपों की जांच जारी है। सच्चाई जो भी हो, यह स्पष्ट है कि प्रभावशाली नाम कानून से ऊपर नहीं हैं। अगर पीड़िता के आरोपों में दम है, तो न्याय प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी होना चाहिए। वहीं यदि उत्तर कुमार निर्दोष हैं, तो उन्हें भी अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। न्याय के तराजू को संतुलित रखना ही लोकतंत्र की असली परीक्षा है।


