भगवान शांतिनाथ की आराधना में डूबा पंचम दिवस: महामंडल शांति विधान में उमड़ा श्रद्धा का सागर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत | नगर में चल रहे 16 मंडलीय, 16 दिवसीय महामंडल शांति विधान का आज पांचवां दिन पूर्ण श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। यह दिव्य आयोजन भगवान शांतिनाथ की आराधना, अभिषेक तथा विश्व शांति, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव के उद्देश्य से किया जा रहा है।
प्रातः 6 बजे हुआ शुभारंभ
विधान की शुरुआत आज प्रातः 6:00 बजे विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। प्रारंभ में विश्व शांति के लिए विशेष विधान संपन्न किया गया, जिसके पश्चात मंडल विधान की पूजा संपन्न हुई। पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्यता की अनुभूति हो रही थी।
16 पुण्याजक परिवारों की सहभागिता
इस महामंडल विधान में कुल 16 पुण्याजक परिवारों ने संकल्पपूर्वक भाग लिया। इन सभी परिवारों ने विधिवत पूजा-अर्चना की तथा भगवान शांतिनाथ का अभिषेक कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
अरघ्य अर्पण की विशेष परंपरा
विधान के अंतर्गत चार चरणों में अरघ्य अर्पण की परंपरा निभाई गई:
- प्रथम चरण में 8 अरघ्य,
- द्वितीय में 16 अरघ्य,
- तृतीय में 32 अरघ्य,
- चतुर्थ में 64 अरघ्य,
- तथा अंत में 5 विशेष महाअर्घ्य भगवान को अर्पित किए गए।
पूजन विधियों के दौरान श्रद्धालुओं में अनुशासन, संयम और भक्ति की गहरी भावना देखी गई।
आचार्य श्री 108 नयन सागर जी महाराज का संदेश
इस अवसर पर परम पूज्य आचार्य श्री 108 नयन सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा:
“भगवान की पूजा करते समय मन, वचन और कर्म से पूर्ण रूप से भक्ति में लीन होना चाहिए। यही सच्ची साधना है। जब हम श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं, तब हमारे भीतर की अशांति समाप्त होती है और समाज में भी सद्भावना का विस्तार होता है।”
धर्मसभा में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी
आज आयोजित धर्मसभा में अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विधान को सफल बनाया। प्रमुख श्रद्धालुओं में शामिल रहे: प्रवीण जैन, मनोज जैन, दिनेश जैन, संभव सतीश जैन, राजेश जैन, राकेश जैन आदि।
इन सभी ने भगवान शांतिनाथ की पूजा-अर्चना में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
16 दिवसीय महामंडल शांति विधान का पंचम दिवस आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और सामाजिक सद्भाव का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा। श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर न केवल आत्मिक शांति प्राप्त की, बल्कि विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता जताई।
आगामी दिनो में यह आयोजन और भी भव्यता और आध्यात्मिकता के साथ आगे बढ़ेगा।




