मेरठ की काव्या ने रचा इतिहास, सुपर डांसर के टॉप-12 में हुई शामिल
-मोमोज का ठेला लगाने वाले मोनू पाल की 6 वर्षीय बेटी काव्या ने रचा इतिहास

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। सुपर डांसर में मेरठ का नाम रोशन करने वाली 6 साल की काव्या सिंह के पिता मोनू पाल खिर्वा जलालपुर के रहने वाले हैं। परिवार में मम्मी, पापा, दादी व एक छोटी बहन है। पिता मोनू पाल आजीविका के लिए मोमोज का ठेला लगाते हैं। मोनू पाल व माँ ज्योति को बचपन से दिखने लगी थी। काव्या की प्रतिभा, ज्योति ने तीन साल की काव्या को कुशल डांसर बनाने के लिए प्रयास जारी कर दिए थे।काव्या के प्रशिक्षण के लिए परिवार गांव से कंकरखेड़ा न्यू सैनिक कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रहने लगा। काव्या के पिता ने पहले घर पर ही एक डांस टीचर से प्रशिक्षण दिलाया, बढ़ती प्रतिभा और काव्या के बहुत जल्द सीखने की चाहत के चलते पिता ने काव्या को मोदीनगर के एक प्रख्यात डांस टीचर दीपक राजपूत से प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय लिया, जिसमें काव्या की माँ लगातार तीन साल तक रोज काव्या को बस द्वारा प्रशिक्षण दिलाने मोदीनगर जाती थीं। काव्या के प्रशिक्षण के लिए पिता मोनू पाल शाम को कंकरखेड़ा में मोमोज का ठेला लगाते हैं व दिन में मजदूरी करते हैं।एक वर्ष पहले क्लर्स टीवी के कार्यक्रम “डान्स दिवाने” के सेशन 4 सन 2024 में काव्या ने पहली बार बड़े मंच पर कदम रखा, इसके बाद काव्या ने अनेक प्रदेशों के तमाम मंचों पर अपनी प्रतिभा से सुर्खियां बटोरी, वर्ष 2025 के शुरू मे अलीगढ़ के विख्यात कार्यक्रम “अलीगढ़ महोत्सव” में काव्या के डान्स ने श्रोताओं के साथ साथ मंच पर मुम्बई से आई विख्यात डान्स टीचर वर्तिका झा के मन को भा गई, जज की भूमिका मे रहीं वर्तिका झा ने काव्या की प्रतिभा देखकर भरे मंच से उसे मुम्बई के बड़े मंच तक ले जाने की घोषणा की, और जब सुपर डांसर सेशन 5 शुरू हुआ तो काव्या की प्रतिभा को वर्तिका झा ने सुपर डांसर के जजों तक पहुँचाया, जिसे देखकर जजों ने काव्या को सुपर डांसर सेशन 5 में प्रतिभागी बनाया। इस सेशन में काव्या उत्तर प्रदेश से अकेली प्रतिभागी है।।अभी तक की प्रतियोगिता में 4.5 लाख बच्चों में से काव्या टॉप-12 में पहुँच गई है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है।


