
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में एक और बड़े पैमाने पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए 15 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) रैंक के अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में कई अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें महिला पीपीएस अधिकारियों की नियुक्तियां विशेष रूप से चर्चा में हैं।
तबादलों की सूची:
1. महेश सिंह अत्री: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस), मुरादाबाद
2. डॉ. अर्चना सिंह: अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी), कानपुर नगर कमिश्नरेट
3. धर्मेंद्र सचान: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय, लखनऊ
4. प्रमोद यादव: उपसेनानायक, 36वीं वाहिनी पीएसी, वाराणसी
5. राजेंद्र प्रसाद यादव: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विजिलेंस, लखनऊ
6. मोहिनी पाठक: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ
7. अनूप कुमार: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, मऊ
8. रंजन सिंह: स्टाफ ऑफिसर, आईजी स्थापना, लखनऊ
9. अभय कुमार मिश्र: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विजिलेंस
10. अशोक कुमार यादव: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), मुख्यालय, लखनऊ
11. कृष्णकांत सरोज: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना, मेरठ
12. डॉ. राजीव कुमार सिंह: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, विजिलेंस
13. डॉ. प्रदेश कठेरिया: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, बदायूं
14. राहुल मिश्रा: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (उत्तरी), देवरिया
15. अरविंद कुमार वर्मा प्रथम: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आईजी स्थापना कार्यालय, लखनऊ
महिला अधिकारियों की अहम भूमिका
इस तबादले में महिला पीपीएस अधिकारियों को विशेष महत्व दिया गया है। डॉ. अर्चना सिंह को कानपुर नगर कमिश्नरेट में अपर पुलिस उपायुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पद है। वहीं, मोहिनी पाठक को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जो पुलिस भर्ती और प्रोन्नति प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भूमिका को रेखांकित करता है।
फेरबदल का उद्देश्य
यह प्रशासनिक फेरबदल पुलिस विभाग में कार्यकुशलता और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए किया गया है। विजिलेंस, अभिसूचना, और आर्थिक अपराध शाखा जैसे संवेदनशील विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती से इन क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। साथ ही, विभिन्न जिलों और मुख्यालयों में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने का लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम पुलिस प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। नए दायित्व प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण निष्ठा और पेशेवर दृष्टिकोण के साथ निभाएंगे।



