सिंगरौली
महुआ गांव पंचायत मे व्यापक पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार को पानह दे रहे विभागीय आधिकारी !
वर्षो से जनप्रतिनिध व आम नागरिक सचिव को हटाए जाने की मांग,नतीजा सिफर रहा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। देवसर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत महुआ गांव में सरपंच/सचिव द्वारा शासकीय राशि का गमन मनमानी तारीके से अपने सुविधानुसार आहरण किया गया। सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों मे विकास कार्य के लिए राशि अवंटित करती है, किन्तु जिला मे बैठे आधिकारी और पंचायत मे सरपंच/सचिव की मिली भगत से राशि का विकास कार्य के लिए सही उपयोग नही किया जाता,आधे आधुरे निमार्ण कार्य कर के राशि आहरण कर विभाग से लेकर पंचायत के सरपंच सचिव व पंच तक के बीच बंदरबांट कर लिया जाता है।
एक ऐसा ही मामला प्रकाश मे आया है। ज्ञात हो की वर्षो से लगातार महुआ गांव पंचायत मे हुए व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार सुर्खियों मे रहा है,चाहे अखबार के माध्यम से हो या फिर लिखित आवेदन से हो,जनपद से लेकर जिले तक के अधिकारी अपने अधिकार खो दिये? ऐसा इसलिए कहना पड रहा है क्योकि वर्षो से अधिक हो रहा कई जांच-परख के आवेदन व सचिव को हटाए जाने की मांग। किन्तु जिले मे बैठे जिम्मेदार आधिकारी अपने अधिकार का दायित्व नही निभा पा रहे? आफशोस के साथ कहना पड रहा की शिकायत कर्ता निराशाजनक होकर चुप्पी साध ली,मन ही मन ईश्वर को कोश रहा।
शिकायत कर्ता ने कोई आम नागरिक नही बल्कि जनता से चुना हुआ एक जनप्रतिनिध है,हां एक नही कई जनप्रतिनिधो ने महुआ गांव पंचायत की जांच व सचिव को हटाए जाने की मांग की है,किन्तु आज तक कोई ठोस कार्रवाई जिला प्रशासन की ओर से नही किया गया,य फिर करना नही चहती?करे भी तो क्यो? जिले मे बैठे जिम्मेदार आधिकारी की पहुंच भी लम्बी है,कोई इधर से उधार हिला भी नही सकता। यही वजह है की अब तक कोई ठोस कार्रवाई नही की गई।जनता का भरोसेमंद जनप्रतिनिध होता है और प्रतिनिध का भरोसा अफसर पर होता है,जब अफसर ही न सुने तो जनप्रतिनिध कहा जाय यह बड़ा सवाल है।



