खैरथल

7अगस्त :खैरथल –तिजारा जिले का ऐतिहासिक जिन,भव्य स्थापना दिवस मनाया जाएगा   

विधायक दीपचन्द खैरिया के परिश्रम,सत्यनिष्ठा और संघर्ष का प्रमाण

 दो सरकारों की मोहर के बाद स्थापित हुआ नवीन जिला
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल / किशनगढ़ बास। राजनीति में जहां चकाचौंध, दिखावा और अवसरवादिता आम हो चली है, वहीं राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़ बास विधानसभा से विधायक दीपचंद खेरिया एक अलग ही उदाहरण पेश करते हैं। करीब 85 वर्षीय खेरिया न केवल दो बार विधायक रहे हैं, बल्कि दशकों से जनता के सच्चे सेवक के रूप में पहचान बनाए हुए हैं। सादा जीवन, स्पष्ट विचार और अडिग ईमानदारी—यही उनकी सबसे बड़ी पूंजी रही है।
7 अगस्त: खैरथल-तिजारा जिले के लिए ऐतिहासिक दिन
7 अगस्त का दिन खैरथल-तिजारा क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन इस जिले की स्थापना हुई थी। यह जिला न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दीपचंद खेरिया की सत्यनिष्ठा और संघर्ष का सजीव प्रमाण भी है। विधायक खैरिया ने बताया

जब कांग्रेस की पिछली सरकार में संकट आया और विधायकों को तोड़ने की कोशिशें हुईं, तब खेरिया को भी प्रस्ताव दिए गए। लेकिन उन्होंने स्पष्ट कह दिया—“मैं कांग्रेस के साथ हूं, मुझे कोई खरीद नहीं सकता।” उनके इस निष्ठावान रुख का ही नतीजा रहा कि बाद में जब उन्होंने अपने क्षेत्र के लिए खैरथल को जिला बनाने की मांग की, तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे स्वीकार किया।
खैरिया की राजनीतिक यात्रा: सेवा, विकास और संकल्प का प्रतीक
दीपचंद खेरिया दिखावे और भीड़ के राजनेता नहीं हैं। वे अधिकतर अकेले यात्रा करते हैं, चापलूसी और चुगलखोरी से दूर रहते हैं, और हर बात को साफ-साफ और निर्भीकता से कहने में विश्वास रखते हैं।
उनकी सादगी और ईमानदारी इतनी प्रभावशाली है कि गांव का बच्चा हो या बुजुर्ग—हर कोई उन्हें “ताऊ” कहकर संबोधित करता है। कांग्रेस पार्टी में उनकी पहचान एक गांधीवादी नेता की है।
विकास कार्यों की लंबी सूची
खेरिया ने अपने क्षेत्र के लिए कई महत्त्वपूर्ण विकास कार्य करवाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
खैरथल में सेटेलाइट हॉस्पिटल की स्थापना
खैरथल में महाविद्यालय की स्थापना
खैरथल नगरपालिका का नगर परिषद में क्रमोन्नयन
किशनगढ़ बास में कृषि महाविद्यालय और बालिका महाविद्यालय की स्थापना
कॉलेजों के लिए निर्माण बजट स्वीकृति और भवन निर्माण कार्य
2018 का प्रसंग: पार्टी से निष्ठा बनी रही
2018 में जब कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया, तब भी खेरिया ने पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं कहा। समर्थकों के आग्रह पर उन्होंने बसपा से चुनाव लड़ा, परन्तु कांग्रेस विरोध में एक शब्द नहीं बोले। जीतने के बाद बिना किसी शर्त कांग्रेस के पक्ष में आ गए और पूरे कार्यकाल पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहे। 2023 में कांग्रेस ने उन्हें फिर टिकट दिया, और वे दोबारा विधायक निर्वाचित हुए। सरकार बदल चुकी थी न ई  भाजपाई सरकार ने नये जिलो की समीक्षा के लिए रिव्यू कमेटी का गठन किया,लोगो मे निराशा थी कही जिला निरस्त ना हो जाये मगर जनता के हित में सांसद भूपेंद्र यादव और अन्य नेताओं की मेहनत काम आई और आखिर में रिव्यू कमेटी ने भी खैरथल -तिजारा जिले पर अपनी मोहर लगाकर लोगों को निराश होने से बचा लिया। इस तरह दो सरकारों की मोहर से खैरथल -तिजारा स्थापित हुआ।
स्थापना दिवस पर विशेष आयोजन जिले के लोगों मे उत्साह
जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने खैरथल-तिजारा जिला स्थापना दिवस पर 7 अगस्त को कई आयोजनों की घोषणा की है। नगर परिषद खैरथल और पर्यटन विभाग के सहयोग से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सहायक निदेशक पर्यटन संजय के अनुसार:
प्रातः 10 बजे से पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खैरथल में रंगोली, मेंहदी और पेंटिंग प्रतियोगिता
सायं 7 बजे लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण में सांस्कृतिक कार्यक्रम
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि आयोजन उच्च स्तर पर हों ताकि यह दिन पूरे जिले के लिए गौरवमयी उत्सव बन सके।
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