बेतुल

बैतूल व्हाईट टॉपिंग सडक़ निर्माण में तकनीकी मापदंडों की धज्जियां उड़ा रहे हैं पीडब्ल्यूडी 

कार्यपालन यंत्री पटेल इंजीनियर परमार , साईड इंजीनियर विकाश गौर और ठेकेदार कपिल शर्मा   

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बैतूल। शहर में बहु प्रसारित व्हाइट टापिंग सड़क निर्माण कार्य जोरों शोरों से चालू है जिसमें बैतूल की जनता के साथ किस तरह छल और धोखाधड़ी की जा रही है वह देखते ही बनता है।शहर में करोड़ों रूपए की लागत से पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाई जा रही व्हाईट टॉप सडक़ का भविष्य अभी से अंधकार में नजर आ रहा है। व्हाइट टापिंग सड़क निर्माण में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी इंजीनियर और ठेकेदार कपिल शर्मा द्वारा तकनीकी मापदंड को ताक पर रखा जा रहा है। जिस तरह कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल और पीडब्ल्यूडी इंजीनियर परमार को इस सडक़ की मानीटरिंग करना है वे जानबूझकर अनदेखी कर ठेकेदार कपिल शर्मा को खुला भ्रष्टाचार करने की मौन स्वीकृति देते नजर आ रहे है। एक परिचित सिविल इंजीनियर ने चर्चा के दौरान बताया कि वे  आते-जाते सडक़ निर्माण को देख रहे है और उनका मानना है कि कांक्रीट मिक्स डिजाईन में एम-40 ग्रेड में कोई मान्य टेस्ट रिपोर्ट या साईट क्यूब टेस्ट रिपोर्ट का रिकार्ड ही मौके पर उपलब्ध नहीं रहता है! वहीं बिना लैब प्रमाण के कास्टिंग की गई है? जिससे सड़क की स्ट्रेंथ ही संदिग्ध है। जब पत्रकारों के दल ने निर्माण कंपनी के प्लांट पर जाकर देखा तो निर्माण कंपनी के प्लांट पर जो रेत उपलब्ध है उस रेत में मिट्टी की मात्रा बहुत ज्यादा है। वहीं गिट्टी की ग्रेडिंग भी उक्त सडक़ निर्माण के मानक के अनुरूप नहीं है। वहीं सीमेंट की लैब टेस्टिंग रिपोर्ट भी नहीं पाई गई है। यह सब खामियां होने से व्हाइट टापिंग सड़क की स्टे्रेक्चर की उम्र अपने आप कम हो जाएगी? शहर के अन्य प्रायवेट सिविल इंजीनियर का भी मानना है कि इस निर्माणाधीन व्हाईट टॉपिंग सडक़ में तकनीकी मापदंडों का खुला उल्लंघन करते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल और इंजीनियर परमार के संरक्षण में ठेकेदार कपिल शर्मा द्वारा व्हाइट टापिंग सड़क निर्माण के मापदंडों का अनदेखा करते हुए जमकर भ्रष्टाचार कर रहा है।
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