अमरोहा
तिगरी गंगा खतरे के निशान से एक मीटर दूर
अमरोहा के दर्जनों गांव डूबने की कगार पर, हजारों बीघा फसलें बर्बाद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण बिजनौर बैराज से गंगा में छोड़े गए पानी से अमरोहा की धनौरा तहसील के दर्जनों गांव डूबने की कगार पर पहुंच गए हैं। कई गांवों में पानी भर चुका है और सरकारी स्कूल भी जलमग्न हो गए हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।तिगरी में गंगा का जलस्तर 201.00 गेज मीटर दर्ज किया गया है। नदी अब खतरे के निशान से मात्र एक मीटर दूर है। बाढ़ के कारण हजारों बीघा फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गई हैं। कई गांवों में पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है।धनौरा तहसील के शीशोंवाली, मुकारमपुर, विशावली, ढाकोंवाली, मोहसनपुर, डांडी, आसिफपुरा, रम्पुरा, चांदरा फार्म, सीपिया, आसूवाला और रसूलपुर भंवर सहित दर्जन भर गांव गंगा बांध के किनारे बसे हैं। इन गांवों में खेती ही लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत है। हर साल बरसात के मौसम में गंगा का बढ़ता जलस्तर यहां के लोगों का जीवन प्रभावित करता है।इस बार बिजनौर के बैराज से गंगा में भारी मात्रा में जल छोड़े जाने से पानी बांध को पार कर गांवों तक पहुंच गया है। फसलों के जलमग्न होने से पशुओं के लिए चारे का संकट भी उत्पन्न हो गया है। शेरपुर के किसान यामीन अहमद का कहना है कि बाढ़ ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। रसूलपुर भांवर के किसान अंग्रेज सिंह ने बताया कि वे इस वर्ष बर्बाद हो गए हैं और उनकी सारी खेती बाढ़ के पानी में समा गई है।आसिफपुरा गांव के पूर्व प्रधान कुंवर सिंह के अनुसार, इस बार बाढ़ के कारण खादर क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। यहां के अधिकतर किसान धान की बुआई करते हैं, जो अब पूरी तरह चौपट हो गई है। अन्य फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने चेतावनी दी है कि अगर पहाड़ों पर हो रही बारिश नहीं रुकी तो यहां का जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है।



