खैरथल
खैरथल -तिजारा जिला मुख्यालय नाम बदलने,मुख्यालय बदलने पर किसान संगठनो मे रोष
जन भावना के खिलाफ बताई सरकार की प्रस्ताव मंजूरी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल-तिजारा : किसान महापंचायत राजस्थान व किसान महापंचायत खैरथल तिजारा ने जिला मुख्यालय व नाम परिवर्तन के प्रस्ताव का अन्नदाता हुकार पद यात्रा निकाल कड़ा विरोध जताया संगठन का कहना है कि यह निर्णय जनता की भावना के खिलाफ है और बिना लोगों की राय से लिया फैसला है और इससे किसानों व आमजन में अविश्वास पैदा हो रहा है।यह निर्णय धार्मिक और ऐतिहासिक मापदण्ड से भी बहुत दूर है
लगता है प्रस्ताव देने वालों को भूगोल और इतिहास का ज्ञान ही नही है
महापंचायत नेताओं ने कहा कि खैरथल में प्रदेश की जानी-मानी अनाज मंडी और बड़ा रेलवे स्टेशन है, जिससे किसानों व आमजन को सुगम यातायात सुविधा मिलती है। ऐसे में जिला मुख्यालय बदलना न केवल जनहित के विपरीत है, बल्कि इससे सरकारी और आमजन के खजाने पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह का बदलाव किसी मंत्री, पूर्व मंत्री या नेता के निजी हितों और दबाव में किया जा रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है। पर्यावरण और प्राकृतिक दृष्टि से भी खैरथल जिला रहने के लिए उपयुक्त है। खैरथल की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान अलग है
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित बदलाव को तुरंत नहीं रोका गया, तो आम जनता, जिसने सरकार बनाने में सहयोग किया, खुद को ठगा हुआ महसूस करेगी।
महापंचायत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहिताश बोहरा, प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, जिला अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, शेरसिंह, ब्लॉक अध्यक्ष रामभरोष पदमाडिया, रानौठ सोसायटी चेयरमैन जुगराम सारण, रत्तीराम सारण, हवासिंह, पूर्व सैनिक लीग अध्यक्ष खेमचंद, पूरण दादा, जगमाल सिंह सारण, सुरेश बिजारणियां, शैतान सिंह, दीपू, धनीराम सारण सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


