मथुरा
मीटर तो प्रीपेड हो गया, लेकिन बिल कैसे जमा हो

मथुरा। निगम के अधिकारी पुराने बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। पिछले छह माह में ही लगभग 50 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। जबकि इससे पूर्व 2 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर निगम लगा चुकी है। स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही उनका विद्युत संयोजन भी पोस्टपेड से प्रीपेड में तब्दील हो गया है। इसका मैसेज भी उनके मोबाइल पर आ गया है, लेकिन उनके पास बिल नहीं आ रहे हैं। वह अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारी नई तकनीक का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के जिले भर में 5 लाख 80 हजार विद्युत कनेक्शन हैं। निगम धीरे-धीरे सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगा रहा है। प्रत्येक माह बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को पोस्टपेड से प्रीपेड होने वाले विद्युत संयोजन से भी कोई परेशानी नहीं है। निगम ने भी उनके विद्युत कनेक्शन को प्रीपेड करने का मोबाइल पर मैसेज तो भेज दिया है, लेकिन पिछले माह का बिल नहीं भेजा है। स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि विद्युत बिल जमा करने की तारीख निकलने के बाद मीटर में तो लाइट आएगी, लेकिन घर के अंदर की बिजली गुल रहेगी। बिजली चालू कराने के लिए उपभोक्ता को निगम के अधिकारियों को बिल जमा करने वाली रसीद भेजनी होगी। इसके घंटो बाद ही उनका घर लाइट से रोशन होगा। राजीव कुमार, मुख्य अभियंता दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने कहा, स्मार्ट मीटर का मतलब ही कनेक्शन का प्रीपेड होना है। मीटर बदलने समय ही उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल पर ऊर्जा एप डाउनलोड कराया है। उपभोक्ता मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर भी ऊर्जा एप डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें पंजीकृत मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करने पर बिल के अलावा अन्य जानकारी मिल जाएगी।



