खैरथल
खैरथल -तिजारा जिले का नाम और स्थान बदलने पर विरोध में बढ़ता जा रहा है जनाक्रोश
काली पट्टी बांधकर निकाला जुलुस चौथे दिन भी रहा बाजारों मे सन्नाटा

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
खैरथल । जिले का नाम बदलकर भर्तृहरि नगर करने और जिला मुख्यालय को अन्यत्र ले जाने की प्रस्तावित योजना के खिलाफ अब ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। इसी कड़ी में रेलवे फाटक के पास सर्व समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और अधिक से अधिक ग्रामीणों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि खैरथल जिले का नाम बदलना और मुख्यालय को अन्यत्र ले जाना जनभावनाओं के विपरीत कदम है। इससे न केवल खैरथल क्षेत्र की उपेक्षा होगी बल्कि आम जनता को विकास कार्यों और प्रशासनिक सुविधाओं के लिए अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ेगी। ग्रामीणों ने इसे स्थानीय जनता के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि सरकार को जनता की राय के बिना इस प्रकार का फैसला नहीं लेना चाहिए।
बुधवार को शहर में जिला बचाओ संघर्ष समिति ने बाजार में घूम कर आंदोलन में भागीदारी अपनाने की अपील की!
शाम को मुंडावर विधायक ललित यादव सहित ओमप्रकाश रोघा, सर्वेश गुप्ता,भीम सेना के सदस्यों सहित अनेको वक्ताओ ने सम्बोधित किया!
सभा को संबोधित करते हुए महासंघ अध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता और नगर परिषद नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी ने कहा कि खैरथलवासियों में मुख्यालय स्थानांतरण की आशंका से गहरा आक्रोश है। रोघा ने कहा कि यह आमजन का स्वाभाविक गुस्सा है और भाजपा नेताओं की नीतियों से लोग नाराज़ हैं। वहीं, गुप्ता ने घोषणा की कि अनाज मंडी अनिश्चितकाल तक बंद रहेगी।बंद और रैली से पूरे दिन जनजीवन प्रभावित रहा। आमजन को आवश्यक वस्तुएं लेने में परेशानी झेलनी पड़ी। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


