
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। कचहरी स्थित हनुमान मंदिर में विश्व हिंदू परिषद के विधि प्रकोष्ठ ने स्थापना दिवस का आयोजन किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में गूँजी हनुमान चालीसा और उत्साहपूर्ण नारों ने वातावरण को धार्मिक और संगठनात्मक ऊर्जा से भर दिया। समारोह में जिला संगठन मंत्री अमनजी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद मात्र एक संगठन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की अस्मिता और संस्कारों का प्रहरी है। विधि प्रकोष्ठ के माध्यम से हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि न्यायालयों और समाज में हिंदू संस्कृति की रक्षा और संवर्धन का संकल्प जीवित रहे। जिलाध्यक्ष नवल किशोर सोनी ने कहा कि परिषद की स्थापना का उद्देश्य केवल संगठन को मज़बूत करना नहीं, बल्कि समाज की उन जड़ों को सींचना है जिनसे राष्ट्र का स्वरूप खड़ा होता है। आज जब भारतीय समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब परिषद युवा पीढ़ी को धर्म, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की ओर प्रेरित करने वाली धु्रवतारा है। विधि प्रकोष्ठ के अधिवक्ता पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विधि प्रकोष्ठ का कार्य केवल विधिक परामर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में न्याय की भावना और धर्म की चेतना को जगाना भी इसका दायित्व है। न्याय का वास्तविक अर्थ केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं, बल्कि यह समाज की हर परत में व्याप्त होना चाहिए। जब समाज न्यायपूर्ण और धार्मिक मूल्यों पर आधारित होगा, तभी राष्ट्र सुदृढ़ होगा। विधि प्रकोष्ठ इस दिशा में एक प्रहरी की तरह कार्य करेगा। इस दौरान रामेश्वर मालवीय, भरत रिछारिया, रामबाबू चौबे, बलराम कुशवाहा, कमलेश लोधी, आकाश झा, विकास झा, दीपक सोनी, संजू ग्वाला, बृजेश श्रीवास्तव, रविन्द्र घोष, आशीष साहू, डग्गी राजा, शुभम कुशवाहा, स्वदेश नायक आदि के साथ स्थापना दिवस पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में सामूहिक हनुमानजी की आराधना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
