अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का लखनऊ में भव्य स्वागत,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया सम्मान, लोकभवन में अभिनंदन समारोह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने नासा-इसरो के संयुक्त एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की ऐतिहासिक यात्रा पूरी की, का आज लखनऊ में भव्य स्वागत किया गया। शुभांशु सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, मेयर सुषमा खरकवाल और सैकड़ों स्कूली बच्चों ने तिरंगे लहराकर उनका स्वागत किया। उनके काफिले पर पुष्पवर्षा की गई और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजे।
मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात
हवाई अड्डे से शुभांशु अपने परिवार—पत्नी कामना शुक्ला और छह वर्षीय बेटे किआश—के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास, 5 कालिदास मार्ग, पहुंचे। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने शुभांशु की उपलब्धि की सराहना की और उन्हें उत्तर प्रदेश का गौरव बताया। इस मुलाकात की पहली तस्वीरें सामने आई हैं, जो इस ऐतिहासिक पल को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराकर देश की वैज्ञानिक क्षमता और साहस का परिचय दिया है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं को विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में प्रेरित करेगी।”
लोकभवन में गरिमामय अभिनंदन समारोह
दोपहर में लोकभवन में शुभांशु के सम्मान में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभांशु को शॉल ओढ़ाकर और भगवान श्रीराम की मूर्ति भेंटकर सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुभांशु के पिता शंभु दयाल शुक्ला का सम्मान करते हुए उनके पैर छुए, जबकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुभांशु की मां को सम्मानित किया, उनके पैर छुए और स्मृति चिह्न भेंट किया। समारोह में शुभांशु की पत्नी और बेटा भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, “शुभांशु की उपलब्धि उत्तर प्रदेश और भारत के लिए गर्व का क्षण है। यह भारत के गगनयान मिशन और अंतरिक्ष अनुसंधान में एक नया अध्याय जोड़ता है।” उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “शुभांशु के माता-पिता ने जिस संस्कार और समर्पण से उनका पालन-पोषण किया, वह आज देश के लिए गौरव का कारण बना है।”
शुभांशु का आधिकारिक बयान
लोकभवन समारोह में अपने अनुभव साझा करते हुए शुभांशु ने कहा, “लखनऊ मेरी जन्मभूमि है, और यहां का यह स्वागत मेरे लिए जीवन का सबसे भावुक क्षण है। अंतरिक्ष में तिरंगा लहराते समय मैंने पूरे भारत की आकांक्षाओं को अपने साथ महसूस किया। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्रियों और लखनऊवासियों का इस अपार स्नेह के लिए आभार व्यक्त करता हूं।”
मिशन की उपलब्धियां
शुभांशु ने 26 जून 2025 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए उड़ान भरी थी और 20 दिनों तक आईएसएस पर रहकर 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए। 15 जुलाई को धरती पर लौटने के बाद, वे 17 अगस्त को भारत पहुंचे और 18 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनकी यह उपलब्धि भारत के गगनयान मिशन और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लखनऊ में उनके स्वागत और सम्मान समारोह ने शहरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय क्षण रच दिया, जो भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान में एक नया अध्याय जोड़ता है।




