सिद्धो- कान्हू सभागार में आयोजित हुआ स्थापना, सेवा पुस्तिका अनुरक्षण एवं अवकाश संबंधी नियमों पर हुआ जिला स्तरीय उनमुखीकरण कार्यक्रम
District level orientation program on establishment, service book maintenance and leave related rules was organized in Sidhu-Kanhu auditorium

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
साहिबगंज: जिला प्रशासन के तत्वावधान में बुधवार को सिद्धो- कान्हू सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय उनमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्थापना संबंधी ध्यान देने योग्य बातें, सेवा पुस्तिका के अनुरक्षण की प्रक्रिया तथा अवकाश संबंधी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहिबगंज उपायुक्त -सह- जिला दंडाधिकारी हेमंत सती ने की। जिला स्थापना उपसमाहर्ता झुन्नु कुमार मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण एवं उनमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सेवा नियमों की अद्यतन जानकारी प्रदान करना होता है। सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्धता लाने के लिए यह आवश्यक है कि सभी कार्मिक झारखंड सेवा संहिता एवं बिहार सेवा संहिता से अपनाए गए नियमों की पूर्ण जानकारी रखें और अपने दायित्वों का निर्वहन उसी के अनुरूप किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में सबसे पहले अवकाश संबंधी नियमों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अधिकारियों को यह बताया गया कि किसी भी सरकारी सेवक को चिकित्सीय अवकाश (Medical Leave) तभी स्वीकृत किया जाएगा जब वह चिकित्सक से विधिवत प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेगा। स्वीकृति प्राप्त किए बिना दीर्घकालिक अवकाश पर जाने वाले कर्मचारी वेतन अथवा सेवा लाभ से वंचित हो सकते हैं। अर्जित अवकाश (Earned Leave), अर्ध वेतन अवकाश (Half Pay Leave), अध्ययन अवकाश (Study Leave) तथा विशेष अवकाश (Special Leave) से संबंधित नियमों की जानकारी दी गई। यह स्पष्ट किया गया कि एक निश्चित सीमा से अधिक अवकाश किसी भी परिस्थिति में स्वीकृत नहीं होगा और उसकी गणना पेंशन लाभ में स्वतः घटा दी जायेगी। वही उपायुक्त ने कहा कि सरकारी सेवक के अधिकार और दायित्व, दोनों ही नियमों से संचालित होते हैं। अवकाश लेना कर्मचारी का अधिकार है परंतु इसे विधि सम्मत तरीके से ही प्रयोग करना चाहिए। इसके बाद सेवा पुस्तिका (Service Book) के सही अनुरक्षण पर चर्चा की गई। बताया गया कि प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की नियुक्ति से लेकर सेवानिवृत्ति तक की संपूर्ण प्रविष्टियाँ सेवा पुस्तिका में दर्ज की जानी अनिवार्य है।इसमें नियुक्ति की तिथि, पदोन्नति, स्थानांतरण, वेतनमान, वेतन वृद्धि, दंड, निलंबन, पुनःस्थापन इत्यादि सभी विवरण समय-समय पर अद्यतन किए जाने चाहिए। यदि सेवा पुस्तिका का सही अनुरक्षण नहीं होगा तो भविष्य में पेंशन, प्रोन्नति, एसीपी/एमएसीपी लाभ आदि में जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।सेवा पुस्तिका को प्रमाणित करने वाले अधिकारी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक प्रविष्टि पूर्ण, स्पष्ट एवं सत्य हो। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि सेवा पुस्तिका में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही किया जा सकता है। कार्यक्रम में स्थापना शाखा से जुड़े प्रावधानों पर भी विशेष चर्चा की गई। इसमें बताया गया सेवा पुष्टि (Confirmation in Service): कर्मचारियों की प्रारंभिक सेवा अवधि पूरी होने पर सेवा पुष्टि की प्रक्रिया अनिवार्य है। एसीपी/एमएसीपी (ACP/MACP): समय पर पदोन्नति न मिलने की स्थिति में कर्मचारियों को वित्तीय लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए नियमित एपीएआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) का अद्यतन होना आवश्यक है। अनुशासनात्मक कार्यवाही: नियम उल्लंघन की स्थिति में झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है। स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं नियमानुकूल बनाने के लिए संबंधित प्रावधानों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। उपायुक्त हेमंत सती ने अपने संबोधन में कहा – सरकारी सेवाओं में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का यह दायित्व है कि वह अपने सेवा अभिलेख को सही एवं पारदर्शी बनाए रखे। अवकाश लेने से पहले, सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि दर्ज कराने से लेकर स्थानांतरण एवं पदोन्नति तक हर स्तर पर नियमों का पालन होना चाहिए। जब नियमों का अनुपालन होगा तभी सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में सेवा पुस्तिका का अद्यतन कार्य लंबित न रखा जाए। साथ ही, अवकाश संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही की जाए। कार्यशाला में कार्यालय अधीक्षक मेथियस बेसरा द्वारा पंजी का संधारण, पंजी का रखरखाव, नाजीर रशीद, रोकड़ बही, भंडार पंजी आदि से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, सिविल सर्जन रामदेव पासवान, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द, जिला परिवहन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी अनूप कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुन्नू कुमार मिश्रा समेत जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी अंचल अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अनुभाग पदाधिकारी, कार्यालय अधीक्षक, प्रधान लिपिक, शाखा प्रभारी, लिपिक एवं कर्मी उपस्थित रहे।



