अमरोहा
अमरोहा में शबनम के पिता की जमीन पर नया विवाद
चाचा ने 2 बीघा जमीन बेची, खरीददार को ग्रामीणों ने रोका

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा : हसनपुर तहसील के गांव बावनखेड़ी में एक नया विवाद सामने आया है। यह विवाद उस शबनम के पिता की जमीन को लेकर है, जिसने 16 साल पहले अपने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के 7 लोगों की हत्या की थी।मामला यह है कि मृतक शौकत अली के तहेरे भाई वजीर अली ने शौकत के घर से सटी करीब दो बीघा जमीन को अपनी बताकर हसनपुर की रूबी कौसर को बेच दिया। सोमवार रात करीब 8 बजे रूबी जेसीबी मशीन लेकर जमीन पर कब्जा करने पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों और शौकत अली के भाई सत्तार अली के परिवार ने विरोध किया। मौके पर हंगामा हुआ और खरीददार को वापस लौटना पड़ा।वजीर के बेटे सुक्खन का कहना है कि विवादित जमीन में से केवल 17 विस्वा जमीन शौकत अली की थी। उन्होंने बताया कि जब सात लोगों की हत्या के बाद कब्रें खोदी गईं, तब वह पुलिस हिरासत में था। शुरुआत में हत्याओं का शक उन पर था।गौरतलब है कि 2008 में शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने पिता समेत परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। सभी शवों को उसी घर के परिसर में दफनाया गया था। इस घटना के बाद से शौकत के छोटे भाई सत्तार अली अपने परिवार के साथ इसी घर में रह रहे हैं। शौकत का घर करीब 5 बीघा से अधिक जमीन में बना है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
वहीं जमीन खरीदने वाली रूबी कौसर का बयान….
वह जमीन मैंने वजीर अली से नियमानुसार खरीदी है। मेरे पास बेनामे के कागज हैं। जमीन का दाखिला खारिज भी कर लिया है। शौकत अली और सत्तार अली का इस जमीन पर कोई हक नहीं है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी दीप कुमार पंत का बयान….
बावनखेड़ी में चर्चित जमीन को लेकर कुछ विवाद की जानकारी हुई है पूरी जांच करने के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी।
सुक्खन मरहूम शौकत अली का तहेरा भतीजा का बयान……
यह जमीन हमारे पिता वजीर अली के नाम पर कागजों में दर्ज है इसलिए हम कानूनी तौर पर इस जमीन के स्वामी हैं पिता वजीर अली ने इस जमीन को बेच दिया है। इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
सत्तार अली मरहूम शौकत अली के छोटे भाई जो अब उसे घर में रह रहे हैं का बयान….
यह जमीन हमारे भाई मरहूम शौकत अली की है। इस जमीन पर ही साथ कब्र भी हैं। अब इस जमीन पर वजीर के बेटे सुक्खन की नियत है। जिसने जालसाजी करके जमीन को बेच दिया है। किसी भी स्थिति में जमीन को नहीं दिया जाएगा।
यह था पूरा मामला
बाबनखेड़ी गांव निवासी शिक्षक शौकत अली के परिवार में पत्नी हाशमी बेटा अनीश राशिद पुत्रवधू अंजुम बेटी शबनम वह 10 महीने का मासूम पौत्र अर्श थे। पिता ने अपनी इकलौती बेटी शबनम को नाजों से पाला था। उसे बेहतर शिक्षा भी दिलाई गई थी। अंग्रेजी से एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद शबनम शिक्षा मित्र बन गई थी। इसके कुछ ही समय बाद शबनम का गांव के ही आठवीं पास सलीम से प्रेम हो गया।
शबनम सैफी तो सलीम पठान बिरादरी से था। इसके बावजूद दोनों का मिलना जुलना जारी रहा। 14 अप्रैल 2008 की रात को दोनों ने मिलकर पिता शौकत अली मां हाशमी इंजीनियर भाई अनीश भाभी अंजुम बीटेक के छात्र भाई राशिद फुफेरी बहन राबिया की कुल्हाड़ी से कटकर और 11 माह के भतीजे अर्श की गला घोट कर हत्या कर दी थी।
19 अप्रैल को हसनपुर कोतवाली पुलिस ने सलीम को गिरफ्तार कर तालाब से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और खून से सने कपड़े बरामद किए थे। बाद में शबनम को भी गिरफ्तार कर दोनों को जेल भेज दिया गया था। इस हत्याकांड के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती भी मौके पर पहुंची थी।




