बेतुल

बैतूल जंगल सत्याग्रह फिल्म को मिला जनजातीय कार्य मंत्री का समर्थन,

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

बैतूल के जंगल सत्याग्रह पर आधारित फिल्म के लिए राहुल गांधी ने उठाई आवाज
फिल्म के सरकारी समर्थन का रास्ता साफ, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय करेगा परीक्षण
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल में हुए 1930 के ऐतिहासिक जंगल सत्याग्रह की गाथा अब बड़े पर्दे पर उतरने जा रही है। इस आंदोलन पर आधारित जंगल सत्याग्रह (1930: द अनटोल्ड हिस्ट्री) फिल्म के लिए सरकारी समर्थन का रास्ता खुल गया है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने फिल्म को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को एक आधिकारिक अनुरोध भेजा है।
यह पहल गोंडवाना प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डॉ. प्रदीप उइके के आग्रह पर हुई है। इस संबंध में विपक्ष के नेता (लोकसभा) राहुल गांधी ने 11 अगस्त को एक पत्र लिखकर जनजातीय कार्य मंत्रालय के समक्ष मामला रखा था।
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 26 अगस्त को जारी आधिकारिक ज्ञापन में स्पष्ट किया कि फिल्म निर्माताओं के अनुरोध की जाँच करना और उस पर आगे की कार्यवाही करना सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसी क्रम में मंत्रालय ने सचिव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को प्रस्ताव का परीक्षण करने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने राहुल गांधी को लिखे गए अपने पत्र में पुष्टि की है कि मामले की समीक्षा की जा चुकी है और इसे विचारार्थ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेज दिया गया है। राहुल गांधी को भेजे गए पत्र के साथ मंत्रालय को प्रेषित पत्र की एक प्रति भी संलग्न की गई है।
यह फिल्म उस ऐतिहासिक संघर्ष की कहानी कहती है, जब बैतूल के आदिवासी नेताओं ने ब्रिटिश हुकूमत के वन कानूनों के खिलाफ अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सत्याग्रह किया था।
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