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हथनीकुंड से छोड़े गए पानी के बाद गाजियाबाद प्रशासन अलर्ट पर

तटबंध बने आश्रय, बाढ ग्रस्त लोनी में नागरिक बेहाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ भट्ट ने मंगलवार को लोनी क्षेत्र के गांव सुंगरपुर पचायरा स्थित बाढ़ चौकी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अभियंताओं से तटबंध की मजबूती की जानकारी ली और मौके पर तैनात अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों से मकान खाली कर बच्चों और मवेशियों के साथ तटबंध पर सुरक्षित पहुंचने की अपील की जा रही है। यमुना नदी के जलस्तर पर निगरानी रखने के लिए सिंचाई व राजस्व विभाग के कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। एडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने दिया जाए और चिकित्सकों को भी अलर्ट मोड पर रखा जाए। वहीं, पुलिस विभाग को निरंतर गश्त करने और राजस्व विभाग को खेतों में बाढ़ के पानी से हुए नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।लगातार बारिश और यमुना का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है। कई परिवार खुले आसमान के नीचे सड़कों और तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य के दावे जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहे। अब तक पीड़ित परिवारों को न तो भोजन मिला है और न ही पीने के पानी की कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उनके लिए जी का जंजाल बन चुका है और हालात दिन-प्रतिदिन भयावह होते जा रहे हैं
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