
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो, गोड्डा
झारखंड, बंगाल और ओड़िशा के 100 से अधिक स्थानों पर रेल चक्का जाम की तैयारी
एसटी दर्जा और कुड़मालि भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
गोड्डा – लंबे समय से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा प्राप्त करने की मांग कर रहे कुड़मि समुदाय ने अब अपना आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में 20 सितंबर 2025 को कुड़मि समाज द्वारा गोड्डा-हंसडीहा रेल मार्ग सहित झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के विभिन्न हिस्सों में सामूहिक रेल चक्का जाम (रेल रोको आंदोलन) किया जाएगा। आंदोलन का नेतृत्व “छोटानागपुरी कुड़मि जनजाति परिषद संथालपरगना” कर रही है।
यह निर्णय शनिवार को गोड्डा प्रखंड के पुनसिया गांव में आयोजित कुड़मि समाज की जिला स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में भारी संख्या में समाज के महिला-पुरुष प्रतिनिधि मौजूद रहे।
समाज के सदस्यों ने बताया कि यह आंदोलन 1950 के ‘द सिड्यूल ट्राइव एक्ट’ में संशोधन कर कुड़मि समाज को एसटी श्रेणी में शामिल करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। कुड़मि समाज पिछले 75 वर्षों से इस मुद्दे पर संघर्षरत है, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कुड़मालि भाषा को लेकर भी उठी आवाज
बैठक में यह भी मांग की गई कि कुड़मालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए तथा सिद्धो-कान्हो मुर्मू विश्वविद्यालय में कुड़मालि भाषा विभाग की स्थापना की जाए, ताकि इस भाषा का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित हो सके।
राज्यभर में आंदोलन की व्यापक तैयारी
छोटानागपुर पठार क्षेत्र (झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के आंशिक हिस्से) में कुड़मि समुदाय द्वारा इस दिन 100 से अधिक स्थानों पर रेल परिचालन बाधित किया जाएगा। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किए जाने की बात समाज के नेताओं द्वारा कही गई है।
बैठक में ये लोग रहे उपस्थित
बैठक में संजीव कुमार महतो, के.पी. महतो, दीपक महतो, राजेन्द्र महतो, दिनेश कुमार महतो, शशिधर महतो, टुनटुन महतो, विमल कुमार महतो, भवेश महतो, गोपाल महतो, नयन महतो, रविनंदन महतो, रोहित महतो, महेश महतो, प्रीतम महतो, राजीव महतो, सचिन महतो, मुकेश महतो सहित बड़ी संख्या में समाज के महिला सदस्य जैसे बबीता महतो, चंपा देवी, बिजली देवी, रीना देवी, मीणा देवी, पुनम देवी, ममता देवी आदि उपस्थित थीं।



