ललितपुर
जीएसटी के नये स्लेब से व्यापारियों को होगा भारी नुकसान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। उ.प्र.उद्योग व्यापार मंडल की एटा में संपन्न हुई बैठक में प्रदेश संगठन मंत्री अशोक अनौरा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जीएसटी से संबंधित ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा एवं प्रदेश महामंत्री राजेंद्र गुप्ता, युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सोनी को एक ज्ञापन सौंपा और जीएसटी एवं फूड सेफ्टी एक्ट से संबंधित समस्याओं का केन्द्र सरकार के स्तर से समाधान कराए जाने की मांग की। ज्ञापन में व्यापारी नेताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा 12 एवं 28 प्रतिशत के स्लैब को समाप्त किए जाने पर आभार व्यक्त कर 22 सितंबर से लागू किये जा रहे लागू की जारी नई व्यवस्था से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर ज्ञापन देकर समाधान कराए जाने की मांग की। कहा गया कि जीएसटी के 8 वर्ष 2 माह होने के बाद भी देश के व्यापारियों को रिवाइज रिटर्न की सुविधा जीएसटी काउंसिल ने नहीं दी है जबकि आयकर विभाग में व्यापारियों को यह सुविधा प्राप्त है। समाप्त की गई 12 एवं 28 प्रतिशत दरों को समाप्त किए जाने एवं ऑटोमोबाइल्स के कम स्लैब में आने के कारण आईटीसी इनपुट टैक्स क्रेडिट का समाधान तो सर जीएसटी काउंसिल कर देगी किंतु उनसे वसूल किए गए सैस कर का समावेश ना हो पाने के कारण ऑटोमोबाइल डीलरों व्यापारियों को भारी नुकसान बहन करना होगा। जीएसटी काउंसिल द्वारा 2500 रुपए से अधिक के रेडीमेड कपड़ों एवं फुटवियर पर 12 प्रतिशत के स्थान पर 18 प्रतिशत कि जीएसटी व्यवस्था लागू करती है जबकि यह पूर्व में 12 प्रतिशत 1 हजार से अधिक के फुटवियर और रेडीमेड बियर पर लागू हुई थी जिसे पूर्ववत किया जाना चाहिए। कहा कि केंद्र सरकार सिलेब संशोधन के उपरांत इसे 22 सितंबर से लागू किया जा रहा है जिस काम से कम 1 अक्टूबर से लागू किया जाना चाहिए जिससे व्यापारियों को भविष्य में जीएसटी विभाग के नोटिसों का सामना न करना पड़े। और 22 सितंबर को नवरात्र शुरू हो रही है इसलिए राजनीतिक लाभ लेने के लिए उपरोक्त स्थिति से इसे लागू किया जा रहा है जो कि गलत है। जीएसटी काउंसिल द्वारा एक तरफ बच्चों की कॉपी किताबें स्टेशनरी को कर मुक्त किया गया है। वहीं दूसरी ओर कागज के ऊपर 18 प्रतिशत कर लगाया गया है जो कि गलत है और गुमराह करने वाला है। ज्ञापन में पेट्रोलियम पदार्थ को 8 वर्ष होने के बाद भी जीएसटी में सम्मिलित नहीं किया गया है और उसे पर अभी भी वेट कर व्यवस्था लागू है उसे जीएसटी में लागू किया जाए। जीएसटी काउंसिल द्वारा ज्वेलरी पर 3 प्रतिशत, ईट भट्टा पर 6 प्रतिशत, 5 प्रतिशत, 18 प्रतिशत, 40 प्रतिशत एवं कर मुक्त वस्तुओं के स्लैब बनाए गए हैं और प्रचार यह किया जा रहा है कि अब मात्र केवल पांच एवं 18 प्रतिशत के सिलैब बचे हैं यह गुमराह है करने वाला है एवं 40 प्रतिशत में पान मसाले एवं तंबाकू के अलावा और कौन सी लग्जरी वस्तुओं को सम्मिलित किया गया है अभी स्पष्ट नहीं है जो कि 22 सितंबर स्पष्ट हो पाएगा। ज्ञापन देते समय प्रदेश संगठन मंत्री अशोक अनौरा, प्रदेश कार्य समिति सदस्य संजय खन्ना, गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव कप्तान, युवा प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष पार्षद आलोक जैन मयूर आदि उपस्थित थे।



