शामली
हरियाणा की ठोकरें बनी यमुना में खतरा, कटान से करोड़ों का नुकसान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
चौसाना। हरियाणा सरकार द्वारा यमुना नदी के बीच बनाए गए बड़े-बड़े ठोकरें अब चौसाना क्षेत्र के मंगलोरा समेत आसपास के गांवों में फसल और जमीन कटान की गंभीर समस्या बन गई हैं। ठोकरों के कारण यमुना का बहाव बदल गया है, जिससे नदी का पानी झुक कर सीधे हमारी सीमा में समा रहा है। इसका सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ रहा है, जो अपनी फसलें व खेत हर रोज यमुना के जल में बहते देख कर बेहाल हैं।
मंगलोरा निवासी सचिन के पास 5 बिघा गन्ना था, भोपाल के पास 6 बिघा गन्ना। ओम सिंह, शिव कुमार, मनपाल, ओमपाल, जगदेव, सोकेन्दर के पास 5-5 बिघा गन्ना था, जबकि जवाहर वेद प्रकाश के पास 3 बिघा गन्ना था। अब ए फसलें यमुना में
समा चुकी हैं। कटान की रफ्तार दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ग्रामीण बताते हैं, हर रोज हमारी मेहनत की फसलें बहती जा रही हैं। तहसील प्रशासन पिछले एक सप्ताह से देखने नहीं आया। बार-बार फोन करने पर भी ड्रेनेज विभाग दो दिन पहले तक पेड़ डाल कर कटान रोकने का प्रयास कर रहा था, लेकिन अब वे भी गायब हैं। ओमपाल ने बताया कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते
उनका बंजर हो चुका खेत अब पूरी तरह यमुना में समा गया। ड्रेनेज विभाग के जई विकास चौधरी ने कहा, जहां जहां कटान हो रहा है, हमारी टीमें लगातार कटान रोकने का कार्य कर रही हैं। एसडीएम ऊन संदीप त्रिपाठी ने बताया, यमुना किनारे बसे सभी गांवों का निरीक्षण किया है। लेखपालों को भेजकर किसानों के नुकसानों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।


