लखनऊ विश्वविद्यालय ने पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को डी.लिट् की मानद उपाधि से सम्मानित किया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : लखनऊ विश्वविद्यालय ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार को उनके उत्कृष्ट योगदान और समाज सेवा के लिए डी.लिट् की मानद उपाधि से नवाजा। यह सम्मान समारोह विश्वविद्यालय के एक विशेष आयोजन में संपन्न हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने प्रशांत कुमार को यह प्रतिष्ठित उपाधि प्रदान की। प्रशांत कुमार, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ और सम्मानित अधिकारी रहे हैं, ने अपने कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, और सामाजिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी नेतृत्व क्षमता और समर्पण ने न केवल पुलिस बल को मजबूती प्रदान की, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी बढ़ाया। इस अवसर पर प्रशांत कुमार ने इस सम्मान को हर खाकीधारी के साहस और समर्पण को समर्पित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने समारोह में कहा, “प्रशांत कुमार का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनकी उपलब्धियाँ और समर्पण उन्हें इस मानद उपाधि का हकदार बनाते हैं।” समारोह में मेधावी छात्रों को डिग्रियाँ प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार और सम्मान भी वितरित किए गए। यह आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर, बादशाहबाग में आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, और छात्रों के साथ-साथ गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे। इस समारोह ने एक बार फिर लखनऊ विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्टता की परंपरा को रेखांकित किया।
लखनऊ विश्वविद्यालय, जो 1867 में स्थापित भारत के सबसे पुराने उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है, समय-समय पर ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज के प्रति अपने दायित्व को पूरा करता रहा है। यह सम्मान प्रशांत कुमार के लिए न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान का भी प्रतीक है।



