हिन्दी से ही हमारी संस्कृति सुरक्षित रहेगी– डॉ धनंजय सिंह
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। हिंदी दिवस के दिन रविवार का अवकाश होने के कारण सरकारी और गैर सरकारी कार्यक्रम नहीं हुए। सोशल मीडिया के माध्यम से साहित्य प्रेमियों और प्रदेश वासियों को बधाई और शुभकामनाएं देने का क्रम दिन भर चलता रहा। हिंदी दिवस पर बधाई संदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदी को डिजिटल युग की सबसे प्रभावी भाषा बनाने का संदेश दिया है।
हिंदी को स्वयं को बाजार से जोड़ना होगा
अमेठी।आर आर पी जी कालेज के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सुरेन्द्र प्रताप यादव ने कहा कि डिजिटलीकरण और तकनीकीकरण के इस युग में हिंदी को स्वयं बाजार के अनुरूप समृद्ध होना होगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हिंदी भाषा अपने कदम तेजी से आगे बढ़ा रही है परंतु अभी भी कम्युनिकेशन और कम्प्यूटर की भाषा बनने के लिए बहुत प्रयास की जरूरत है।
भूगोल विषय के विद्यार्थी रहे वरिष्ठ साहित्यकार और बिहार के पूर्व गृह सचिव जिया लाल आर्य ने दुनिया में हिंदी साहित्य की सेवा का परचम लहराया है। कविता, कहानी, उपन्यास, जीवनी, आत्मकथा आदि विधाओं में उनकी साख से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। बिहार और अमेठी में रहते हुए वे अभी भी हिंदी की सेवा कर रहे हैं। स्वास्थ्य कारणों से रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। हिंदी दिवस पर उन्होंने देशवासियों को बधाई दी और कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है।हर व्यक्ति को अपनी निजी भाषा और निज संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। डिजिटल युग में हिंदी को समृद्ध करने के लिए हिंदी को कार्यालयों और बैंकिंग क्षेत्र की भाषा बनाना जरूरी है।यह काम एक दिन हिन्दी दिवस मनाने से सम्भव नहीं,सतत और निरंतर प्रयास होने चाहिए। आर आर पी जी कॉलेज समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ धनंजय सिंह ने बताया कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। हिन्दी से ही हमारी संस्कृति सुरक्षित रहेगी।आज डिजिटलीकरण के युग में हिंदी को अपने दैनिक जीवन में सम्मिलित करने की जरूरत है। जल्द ही हिंदी विश्व के सभी भाषाओं से ऊपर होगी।

