
बागपत। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी के नेतृत्व में सोमवार को किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बड़ौत कोतवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए मांग की गई कि दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच हो और मामले को किसी अन्य थाने या उच्च अधिकारी को स्थानांतरित किया जाए।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में दर्ज मुकदमा संख्या 0538/25 में मेडिकल रिपोर्ट पैसे और डॉक्टर की मिलीभगत से गलत कराई गई, जिसके आधार पर जानलेवा हमले की धारा लगाई गई है। वहीं, आरोपियों के पक्ष में मुकदमा संख्या 0539/25 से धाराएं हटवा दी गईं, जबकि घटना का वीडियो वायरल है।
किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि असगर, बिट्टू उर्फ इरशाद और वसीम मुल्ला जैसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। किन्नर समाज के क्षेत्रवाद और आपराधिक गतिविधियों पर भी ठोस कार्रवाई की मांग की गई।
राजीव चौधरी ने कहा कि थाना प्रभारी बड़ौत तानाशाही रवैया अपनाते हुए खुलेआम पक्षपात कर रहे हैं और किसानों से यहां तक कह दिया कि “मैं पक्षपात ही करूंगा, तुम्हें जो करना है कर लो।”
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि अगर जांच उच्च स्तर पर स्थानांतरित नहीं की गई, तो संगठन को बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
किसान यूनियन के इस कदम से बड़ौत कोतवाली की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ खड़े हो गए हैं और अब जिला प्रशासन के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



