हाईकोर्ट के आदेश के बाद वाद निस्तारित कर प्रशासन ने गिराया अवैध ओवर ब्रिज

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। स्थानीय तहसील अमेठी के टीकरमाफ़ी ग्राम पंचायत में सार्वजनिक मार्ग के ऊपर बनाए गए अवैध ओवर ब्रिज को हाईकोर्ट के आदेश के बाद वाद निस्तारित कर प्रशासन ने गिराया | ग्राम पंचायत टीकरमाफी मे आबादी की भूमि गाटा संख्या 1419 पर ग्राम निधि द्वारा आम जन की सुविधाओ को ध्यान में रखते हुए 2018-2019 मे इंटरलाकिंग मार्ग का निर्माण कराया गया जिस पर पूर्व में ईंट का खंडजा ग्राम निधि के पैसे से निर्मित था।इस मार्ग के ऊपर गाँव के ही गया प्रसाद बरनवाल द्वारा अस्थायी उपकरणों से ओवर ब्रिज का निर्माण कर लिया गया था।अवैध निर्मित ओवर ब्रिज से आवागमन मे असुविधा पर गाँव के ही जीत लाल द्वारा अधिवक्ता अभीष्ट विक्रम सिंह के माध्यम से उच्च न्यायालय लखनऊ में पीआईएल (याचिका) दाखिल किया जिस पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने उप जिलाधिकारी अमेठी को आदेशित किया था कि एक सप्ताह के भीतर अवैध ओवर ब्रिज को हटवाये या नियत तिथि 4 दिसंबर को न्यायालय में शपथ पत्र के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर होने वाली कार्यवाही से अवगत कराए उप जिलाधिकारी अमेठी ने शपथ पत्र दाखिल करते हुए माननीय उच्च न्यायालय में बताया था कि इस वाद से सम्बन्धित एक वाद ग्राम टीकरमाफी के निवासी हरिश्चंद्र गुप्ता द्वारा बीएनएसएस की धारा 152 के तहत अवैध ओवर ब्रिज को गिराने के लिए दाखिल किया है जिसकी सुनवाई तिथि 16 दिसम्बर 2024 को नियत की गयी है।जिस पर मा.उच्च न्यायालय ने उप जिलाधिकारी अमेठी को आदेशित किया था कि आज के आदेश की प्रमाणित प्रति जारी होने के 90 दिनों के भीतर विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए वाद का निस्तारण कर सार्वजानिक मार्ग के ऊपर बनाए गए अवैध ओवर ब्रिज को हटाए। याची के अधिवक्ता अभीष्ट विक्रम सिंह ने बताया कि सार्वजानिक मार्ग के ऊपर बिना विधिक अनुमति के ओवर ब्रिज बनाना पूर्णतया अवैध था| मा. उच्च न्यायालय के आदेशानुसार याची जीत लाल के पक्ष से उप जिलाधिकारी अमेठी के न्यायालय में समस्त साक्ष्यों के साथ मा. उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति दाखिल किया गया व मुकदमे की निरंतर पैरवी किया गया सार्वजानिक मार्ग के ऊपर बनाए गए अवैध ओवर ब्रिज के हटने से आम जन मानस को आने जाने मे सुगमता होगी यह आदेश व कार्यवाही समाजहित मे आवश्यक था

